भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से अक्सर बात करता हूं, वो इजराइल के साथ - नेतन्याहू

नेतन्याहू ने प्रधानमंत्री मोदी सहित वैश्विक नेताओं से मजबूत संबंधों का उल्लेख किया
भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से अक्सर बात करता हूं, वो इजराइल के साथ - नेतन्याहू
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नई दिल्ली: इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोमवार को संसद में दिए एक तेज तर्रार भाषण में देश के प्रबंधन को लेकर अपनी नीति का बचाव करते हुए कहा कि इस यहूदी राष्ट्र के खिलाफ बढ़ती यहूदी-विरोधी भावनाओं के बावजूद इजराइल को भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी समेत दुनिया के कई देशों एवं नेताओं का अभूतपूर्व समर्थन प्राप्त है।

नेतन्याहू ने '40 हस्ताक्षर बहस' में यह बता कही

नेतन्याहू ने संसद में तथाकथित '40 हस्ताक्षर बहस' के दौरान यह बात कही। यह बहस ऐसा संसदीय तंत्र है जिसके तहत विपक्ष प्रधानमंत्री को महीने में एक बार इजराइली संसद ‘क्नेसेट’ के समक्ष उपस्थित होने के लिए बाध्य कर सकता है। इस दौरान नेतन्याहू ने अपनी सरकार की नीतियों, खासकर इजराइल के विदेश संबंधों का जोरदार तरीके से बचाव किया। उन्होंने कहा, ‘‘आज इजराइल पहले से कहीं अधिक मजबूत है।’’

इजराइल कूटनीतिक, सैन्य और आर्थिक स्तर पर मजबूत

विपक्ष द्वारा लगाए गए इस आरोप का जवाब देते हुए कि ‘‘इजराइल की अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा धूमिल हो चुकी है’’, नेतन्याहू ने तर्क दिया कि हमास के साथ दो वर्षों से युद्ध जारी होने के बावजूद इजराइल कूटनीतिक, सैन्य और आर्थिक स्तर पर अब भी मजबूत है। उन्होंने वैश्विक नेताओं के साथ अपने संबंधों को रेखांकित किया। नेतन्याहू ने कहा, ‘‘दुनिया भर के अनेक देश और बहुत से विश्व नेता हमसे जुड़ना चाहते हैं।’’ हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि ‘‘चुनौतियां भी हैं।’’

यहूदी-विरोधी भावनाओं पर कारण बताया

उन्होंने पश्चिमी देशों में बढ़ती ‘‘यहूदी-विरोधी भावनाओं’’ के लिए दो कारण बताए : लगभग हर देश में, खासकर यूरोप में पहुंचे कट्टरपंथी मुस्लिम अल्पसंख्यक और सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही यहूदी-विरोधी उकसावे वाली सामग्री। उन्होंने कहा, ‘‘हम दुनिया भर में इस यहूदी-विरोध का मुकाबला कर रहे हैं।’’ नेतन्याहू ने कहा कि इसके बावजूद इजराइल की कूटनीतिक स्थिति अब भी मजबूत है। उन्होंने इस सप्ताह जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की यात्रा को इसका उदाहरण बताया और कहा कि यह यात्रा मर्ज की स्वयं की पहल पर हो रही है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मेरे मित्र हैं

उन्होंने कहा, ‘‘और भी कई महाशक्तियां हमारे साथ आ रही हैं: मैं अपने पुराने मित्र भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से अक्सर बात करता हूं। हमने जल्द ही मिलने की योजना बनाई है और मुझे आपको बताना चाहिए कि डेढ़ अरब की आबादी वाला विशाल देश भारत हमारे साथ संबंध और मजबूत करना चाहता है।’’ नेतन्याहू ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा, ‘‘जर्मनी, भारत… हमारे साथ हैं और आपके तथाकथित राजनीतिक पतन का एक और संकेत यह है कि महीने के अंत में मैं अपने मित्र राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से एक और मुलाकात के लिए अमेरिका जाऊंगा।’’

डोनाल्ड ट्रंप से साल भर के अंदर छठी मुलाकात

उन्होंने कहा, ‘‘इस वर्ष जनवरी में उनके पद संभालने के बाद यह अमेरिका के राष्ट्रपति के साथ मेरी छठी बैठक होगी जो दुनिया के किसी भी अन्य नेता से अधिक है।’’ अपने संबोधन में इजराइली प्रधानमंत्री ने पुतिन के साथ अपने करीबी संबंधों पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा, ‘‘अमेरिका, भारत, जर्मनी, रूस- चार शक्तियां हैं जिनसे हमारे संबंध युद्ध के बाद और मजबूत हुए हैं। और सिर्फ महाशक्तियां ही नहीं, कई अन्य देश भी हमारे नजदीक आना चाहते हैं पश्चिम एशिया में भी, सुदूर पूर्व में भी, लातिन अमेरिका में भी, जहां बहुत बड़ा परिवर्तन हो रहा है और अफ्रीका में भी।’’

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