नेपाल को 654 मेगावाट बिजली निर्यात करेगा भारत

13 सितंबर से 31 दिसंबर 2026 तक नेपाल विद्युत प्राधिकरण को 654 मेगावाट तक बिजली निर्यात करेगा भारत
Nepal has sought China's assistance for road reconstruction
विद्युत की हाई टेनशन तार (प्रतिकात्मक चित्र)
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काठमांडू : भारत ने 13 सितंबर से 31 दिसंबर 2026 तक नेपाल विद्युत प्राधिकरण को 654 मेगावाट तक बिजली निर्यात करने की मंजूरी दी है। बिजली का निर्यात प्रतिदिन 18 घंटे, मध्यरात्रि से शाम छह बजे तक किया जाएगा। विद्युत मंत्रालय ने मुजफ्फरपुर-ढल्केबर 400 केवी डीसी लाइन के जरिये 600 मेगावाट और टनकपुर-महेंद्रनगर 132 केवी लाइन के जरिये 54 मेगावाट तक बिजली निर्यात की अनुमति दी है। जनवरी 2027 से बिजली निर्यात की मात्रा की दिसंबर में समीक्षा की जाएगी। नेपाल में हाल में आई बाढ़ से पनबिजली ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। इससे घरेलू बिजली उत्पादन क्षमता प्रभावित हुई और नेपाल की बिजली जरूरत बढ़ गई है। एक आकलन के मुताबिक, बाढ़ से नेपाल में करीब 550 मेगावाट उत्पादन क्षमता प्रभावित हुई है। इसके कारण भारत को नेपाल से होने वाले बिजली निर्यात में भी करीब 400 मेगावाट की कमी आई है। सूत्रों के अनुसार, भारत नेपाल की जरूरत के मुताबिक बिजली उपलब्ध कराएगा। आमतौर पर नेपाल अक्टूबर से भारत से बिजली मांगता है, लेकिन इस बार सितंबर से ही बिजली की मांग की गई है। भारत में 2024 तक कुल 15 गीगावाट क्षमता की पनबिजली परियोजनाएं निर्माणाधीन थीं। बड़ी पनबिजली क्षमता अक्टूबर 2025 के 50.35 गीगावाट से बढ़कर वित्त वर्ष 2031-32 तक 67 गीगावाट होने का अनुमान है।

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