

प्रसेनजीत, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : आगामी विधानसभा चुनाव से पहले बंगाल में केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्ति को लेकर राज्य सरकार और चुनाव आयोग के बीच टकराव और गहरा गया है। IAS अधिकारियों के बाद अब राज्य सरकार ने IPS अधिकारियों के मामले में भी आयोग से फैसले पर पुनर्विचार की मांग करते हुए वैकल्पिक नाम भेजे हैं। नवान्न सूत्रों के अनुसार, चुनाव आयोग ने राज्य के 10 IPS अधिकारियों को केंद्रीय पर्यवेक्षक बनाने का प्रस्ताव दिया था। इनमें से 8 अधिकारियों के स्थान पर राज्य सरकार ने 8 अन्य IPS अधिकारियों के नाम आयोग को भेजे हैं।
नवान्न सूत्रों के मुताबिक, IPS अधिकारी भरत लाल मीणा, राजेश कुमार यादव, प्रवीण त्रिपाठी, हृषीकेश मीणा, अखिलेश चतुर्वेदी, सुनील चौधरी, अनूप जायसवाल और सुधीर कुमार नीलकंठम के विकल्प के तौर पर जिन 8 अधिकारियों के नाम भेजे गए हैं, वे हैं—कुणाल अग्रवाल, सुनील कुमार यादव, सुरेश कुमार चाडिव, अजीत सिंह यादव, अनूप घोष, उत्पल कुमार नस्कर, उज्ज्वल कुमार भौमिक और कंकर प्रसाद बारुई। इससे पहले राज्य ने गृह सचिव सहित कुल 9 वरिष्ठ अधिकारियों को इस जिम्मेदारी से मुक्त करने की मांग की थी और तब भी वैकल्पिक IAS अधिकारियों के नाम सुझाए गए थे।
नवान्न का कहना है कि चुनाव के दौरान राज्य के शीर्ष प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को केंद्रीय पर्यवेक्षक के रूप में बाहर भेजने से कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक कामकाज प्रभावित हो सकता है। इसलिए दो दिनों में कुल 17 अधिकारियों को इस जिम्मेदारी से मुक्त करने का अनुरोध किया गया है।