नगालैंड ‘यूलिप’ अपनाने वाला पहला पूर्वोत्तर राज्य बना

डिजिटल नगालैंड की ओर एक और कदम
कोहिमा में यूलिप पर एक कार्यशाला में शामिल गणमान्य
कोहिमा में यूलिप पर एक कार्यशाला में शामिल गणमान्य
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कोहिमा : नगालैंड ‘पीएम गतिशक्ति योजना’ के तहत एक डिजिटल पहल ‘यूनिफाइड लॉजिस्टिक्स इंटरफेस प्लेटफॉर्म (यूलिप)’ को एकीकृत करने वाला पूर्वोत्तर क्षेत्र का पहला राज्य बन गया है। यह बात उद्योग एवं वाणिज्य निदेशक, पी. तोकुघा सेमा ने कोहिमा स्थित निदेशालय कार्यालय में उद्योग एवं वाणिज्य निदेशालय द्वारा राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स डेटा सर्विसेज लिमिटेड (एनएलडीएसएल) के सहयोग से पिछले दिनों आयोजित एक राज्य स्तरीय कार्यशाला के दौरान कही। पी तोकुघा सेमा ने कार्यशाला की सुविधा के लिए एनएलडीएसएल का आभार व्यक्त किया और बुनियादी ढांचे के उपयोग, अंतर-विभागीय समन्वय और डेटा-संचालित शासन में सुधार के लिए यूलिप की क्षमता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह प्लेटफॉर्म आपूर्ति शृंखला की अक्षमताओं को कम करेगा और व्यापार करने में आसानी को बढ़ाएगा, विशेष रूप से जल्दी खराब होने वाले सामानों के परिवहन, आपदा प्रतिक्रिया और विनिर्माण क्षेत्र के विकास को लाभान्वित करेगा।

डिजिटल बदलाव पर बल

उद्योग एवं वाणिज्य सचिव कुमार रमणीकांत ने अपने उद्घाटन भाषण में डिजिटल परिवर्तन और सहयोगात्मक शासन के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गयी यूलिप योजना, नगालैंड में उत्पादकों और निर्माताओं के सामने आने वाली रसद संबंधी चुनौतियों का समाधान करने में मदद करेगी। रमणीकांत ने बताया कि यूलिप और अन्य आईटी एवं एआई उपकरण नगा जैविक कृषि उत्पादों, हथकरघा और हस्तशिल्प के लिए बाजार पहुंच का विस्तार करेंगे, जिससे किसानों और उपभोक्ताओं के बीच बिना किसी बिचौलिये के सीधा संपर्क संभव होगा। उन्होंने एक्ट ईस्ट पॉलिसी और ईस्ट एशिया हाईवे की रणनीतिक प्रासंगिकता पर भी प्रकाश डाला, जिससे नगालैंड के लिए खासकर म्यांमार जैसे पड़ोसी देशों के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार के अवसर खुल सकते हैं।

नवाचार का हो नेतृत्व

रमणीकांत ने स्टार्टअप्स से नवाचार का नेतृत्व करने का आह्वान किया और इस बात पर जोर दिया कि विकसित भारत -2027 का विज़न विकसित नगालैंड के बिना अधूरा होगा। एनएलडीएसएल के मुख्य परिचालन अधिकारी अरविंद देवराज ने यूलिप का अवलोकन प्रस्तुत करते हुए बताया कि इसे एनआईसीडीसी लॉजिस्टिक्स डेटा सर्विसेज लिमिटेड द्वारा कार्यान्वित किया जाता है, जो एनआईसीडीआईटी और जापान के एनईसी कॉर्पोरेशन का एक संयुक्त उद्यम है। उन्होंने कहा कि यूलिप भारत के लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में पारदर्शिता लाने, बाधाओं को दूर करने और हितधारकों को सशक्त बनाने के लिए विभिन्न मंत्रालयों के डेटा को एकीकृत करता है। तकनीकी सत्र में देवराज और एनएलडीएसएल के कार्यक्रम प्रबंधक वैभव सिंह और आशुतोष शेखर ने प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम का समापन एनएलडीएसएल और नगालैंड सरकार के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर के साथ हुआ। उद्योग एवं वाणिज्य के कार्यकारी अभियंता, इंजीनियर असेनला वालिंग ने धन्यवाद ज्ञापन किया। कार्यशाला में विभिन्न विभागों के अधिकारियों, स्टार्टअप्स, उद्यमियों और अन्य गणमान्य ने भाग लिया।

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