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अंकारा : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मंगलवार को तुर्किये की राजधानी अंकारा पहुंचे, जहां दो दिवसीय नाटो शिखर सम्मेलन शुरू हुआ। सम्मेलन से पहले नाटो ने अरबों डॉलर की नई रक्षा परियोजनाओं और हथियार खरीद कार्यक्रमों की घोषणा की। इनका उद्देश्य गठबंधन की सैन्य क्षमता बढ़ाना और रक्षा उत्पादन को मजबूत करना है। तुर्किये के राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोआन की मेजबानी में आयोजित इस शिखर सम्मेलन में ट्रंप सबसे पहले राष्ट्रपति भवन पहुंचे, जहां दोनों नेताओं की मुलाकात हुई। सम्मेलन के दौरान यूरोप की सुरक्षा, रक्षा खर्च बढ़ाने और नाटो की भविष्य की रणनीति प्रमुख मुद्दे हैं। नाटो महासचिव मार्क रुटे ने रक्षा उद्योग सम्मेलन में कहा कि गठबंधन नई सैन्य क्षमताओं पर अरबों डॉलर खर्च करेगा, जो "भविष्य की सुरक्षा के लिए सही निवेश" है। उन्होंने कहा कि रक्षा योजनाओं को तेजी से लागू करने, ड्रोन, मिसाइल और इंटरसेप्टर जैसे आधुनिक हथियारों के उत्पादन को बढ़ाने की जरूरत है। सम्मेलन के दौरान स्वीडन की कंपनी साब को नाटो के लिए 10 तक नए ग्लोबलआई निगरानी विमान उपलब्ध कराने का अनुबंध मिला। ये विमान लगभग 50 वर्ष पुराने एडब्ल्यूएसीएस विमानों की जगह लेंगे। इसके अलावा चार देशों ने नाटो के लिए पांच नए ट्राइटन निगरानी ड्रोन खरीदने की भी घोषणा की। वहीं 15 देशों ने एयरबस से हवा में ईंधन भरने और सैन्य परिवहन विमान खरीदने के लिए बहुराष्ट्रीय समझौते पर सहमति जताई। इन रक्षा परियोजनाओं के लिए यूरोपीय संघ की रक्षा ऋण योजना के तहत पूंजी बाजार से जुटाई गई लगभग 170 अरब डॉलर तक की राशि का उपयोग किया जाएगा।
ट्रंप का संदेश: यूरोप खुद संभाले सुरक्षा
ट्रंप लंबे समय से नाटो देशों पर रक्षा खर्च बढ़ाने का दबाव बनाते रहे हैं। उन्होंने पहले भी नाटो को "कागजी शेर" बताते हुए कहा था कि अमेरिकी नेतृत्व और हथियारों के बिना गठबंधन प्रभावी नहीं रह सकता। सम्मेलन में अमेरिकी रक्षा उप सचिव माइकल डफी ने भी कहा कि रक्षा उत्पादन में व्यापक बढ़ोतरी की जरूरत है और अमेरिका अपने सहयोगियों को हथियारों के निर्यात के साथ यूरोप में उत्पादन क्षमता बढ़ाने में भी साझेदारी करेगा।
तुर्किये को एफ-35 लड़ाकू विमान देने पर बहस
शिखर सम्मेलन के दौरान तुर्किये को अमेरिका के एफ-35 लड़ाकू विमान बेचने का मुद्दा भी चर्चा में रहा। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिका से तुर्किये को एफ-35 विमान न देने की अपील करते हुए कहा कि इससे पश्चिम एशिया में सामरिक संतुलन प्रभावित हो सकता है। तुर्किये को 2019 में रूस से एस-400 मिसाइल रक्षा प्रणाली खरीदने के कारण एफ-35 कार्यक्रम से बाहर कर दिया गया था। हालांकि ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में इस सौदे को फिर से शुरू किया जा सकता है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
शिखर सम्मेलन को देखते हुए अंकारा में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और विरोध प्रदर्शनों पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसके बावजूद कुछ प्रदर्शनकारियों ने विरोध जताने की कोशिश की, जिन्हें पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इस बार के नाटो शिखर सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य यूरोप को रक्षा के क्षेत्र में अधिक आत्मनिर्भर बनाना और अमेरिका पर उसकी निर्भरता कम करना है, ताकि अमेरिका अपना रणनीतिक ध्यान चीन और हिंद-प्रशांत क्षेत्र पर केंद्रित कर सके।