

प्रसेनजीत, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (SIR) को लेकर उठे विवाद के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य में अल्पसंख्यक वोटरों के अधिकारों की सुरक्षा को लेकर अपनी पार्टी की माइनॉरिटी सेल को सक्रिय भूमिका निभाने का निर्देश दिया है।
सूत्रों के मुताबिक, गुरुवार को पार्क सर्कस में केएमसी के 'दावत ए इफ्तार' कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने तृणमूल कांग्रेस की राज्य माइनॉरिटी सेल के नेताओं से अलग से बातचीत की। उन्होंने माइनॉरिटी सेल के उपाध्यक्ष फरीद खान को स्पष्ट निर्देश दिया कि कोलकाता सहित पूरे राज्य में अल्पसंख्यक समुदाय के मतदाताओं के बीच समन्वय बढ़ाया जाए और जिनका नाम सूची से छूटा है, उन्हें तत्काल दुरुस्त कराने की पहल की जाए। फरीद खान ने कहा, हमारी सुप्रीमो ने जो निर्देश दिया है, हम उसे पूरी तरह लागू करेंगे। अल्पसंख्यक समुदाय का उन पर अटूट विश्वास है। भाजपा की ‘डिवाइड एंड रूल’ की राजनीति यहां सफल नहीं होगी।
हाल ही में उन्होंने आशंका जताई थी कि एसआईआर की प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर करीव 1.20 करोड़ नाम मतदाता सूची से हटाए जाने की साज़िश हो सकती है। उनके अपने विधानसभा क्षेत्र भवानीपुर में ही लगभग 45 हजार नाम प्रारूप सूची से बाहर होने की खबर सामने आई है। इस घटनाक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने कालीघाट स्थित अपने आवास पर भवानीपुर के पार्षदों और बीएलए-2 के साथ एकाधिक आपात बैठकें कीं।
माइनॉरिटी सेल के सूत्रों से मिली जानकारी से मुख्यमंत्री ने खास तौर पर भवानीपुर के वार्ड नंबर 63, जो अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्र माना जाता है, पर विशेष निगरानी और संगठनात्मक सक्रियता बढ़ाने को कहा है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि पूरे राज्य के साथ साथ अपने निर्वाचन क्षेत्र में किसी भी मतदाता का लोकतांत्रिक अधिकार प्रभावित न हो, यह सुनिश्चित करना मुख्यमंत्री की प्राथमिकता है।