मायाबंदर में एक साल से पीयूसी जांच सुविधा बंद, तत्काल कार्रवाई मांग

वाहन मालिकों को श्री विजय पुरम जाना पड़ रहा
समाचार 3: फोटो में मायाबंदर स्थित उपायुक्त कार्यालय का दृश्य।
समाचार 3: फोटो में मायाबंदर स्थित उपायुक्त कार्यालय का दृश्य।
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सन्मार्ग संवाददाता

श्री विजय पुरम - मायाबंदर में एक वर्ष से अधिक समय से प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र यानी पीयूसी जांच सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण वाहन मालिकों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। सुविधा के अभाव में स्थानीय निवासियों को पीयूसी प्रमाणपत्र प्राप्त करने या उसका नवीनीकरण कराने के लिए श्री विजय पुरम तक यात्रा करनी पड़ रही है।

मायाबंदर के पूर्व प्रमुख अब्दुल सिद्दीकी ने एक पत्र के माध्यम से अंडमान और निकोबार प्रशासन, श्री विजय पुरम के परिवहन सचिव से तत्काल हस्तक्षेप करने तथा मायाबंदर में पीयूसी जांच सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था करने का अनुरोध किया है।

पत्र के अनुसार, आउटसोर्स की गई जांच व्यवस्था उपलब्ध नहीं होने के कारण मायाबंदर में पीयूसी जांच सुविधा कथित रूप से एक वर्ष से अधिक समय से उपलब्ध नहीं है। इसके परिणामस्वरूप हल्के और भारी वाहनों, जिनमें वाणिज्यिक वाहन भी शामिल हैं, के मालिकों को चिकित्सा, व्यक्तिगत, वाणिज्यिक अथवा अन्य कार्यों के लिए श्री विजय पुरम जाना पड़ता है और इसी दौरान उन्हें पीयूसी प्रमाणपत्र भी प्राप्त करना पड़ता है।

पत्र में कहा गया है कि कई वाहन मालिकों ने सिद्दीकी से संपर्क कर उन्हें जानकारी दी कि वैध पीयूसी प्रमाणपत्र नहीं होने के कारण कुछ वाहन मालिकों के चालान किए गए हैं। या पुलिस द्वारा उन्हें चेतावनी दी गई है। निवासियों को उस समय नियमों का पालन करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, जब जिला मुख्यालय में ही पीयूसी जांच की सुविधा उपलब्ध नहीं है।

सिद्दीकी ने परिवहन विभाग से आग्रह किया कि मायाबंदर में पीयूसी जांच की तत्काल व्यवस्था की जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि यह सुविधा विभाग स्वयं उपलब्ध करा सकता है अथवा नियमित आउटसोर्स सुविधा बहाल होने तक उपयुक्त अस्थायी व्यवस्था की जा सकती है।

उन्होंने आगे अनुरोध किया कि पुलिस और यातायात अधिकारियों को आम जनता के सामने आ रही इन कठिनाइयों से अवगत कराया जाए तथा वाहन मालिकों पर जुर्माना न लगाया जाए, विशेष रूप से उन मामलों में जहां मायाबंदर में जांच सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण पीयूसी प्रमाणपत्र प्राप्त नहीं किया जा सका है।

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