नेपाल में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के विरोध में जोरदार प्रदर्शन

लोगों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की
Massive protests in Nepal against the encroachment removal drive
पोस्टर लेकर प्रदर्शन करते लोग
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काठमांडू : नेपाल में भूमिहीन झुग्गीवासियों को वैकल्पिक पुनर्वास दिए बिना बेदखल किए जाने के विरोध में रविवार को सैकड़ों लोगों ने राजधानी काठमांडू में प्रदर्शन किया। संयुक्त राष्ट्रीय भूमिहीन मोर्चा के आह्वान पर मैतीघर मंडला में आयोजित प्रदर्शन में लोगों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मानवाधिकारों के सम्मान तथा भूमिहीनों के पुनर्वास की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों ने गरीबों पर अत्याचार बंद करो, मानवाधिकारों का सम्मान करो, अवैध गिरफ्तारियां बंद करो" और भूमिहीन झुग्गीवासियों को आश्रय दो जैसे संदेश लिखी तख्तियां हाथों में लेकर विरोध दर्ज कराया।

इस बीच, काठमांडू के कीर्तिपुर स्थित सरकार के अस्थायी पुनर्वास केंद्र में शुक्रवार रात आई बाढ़ से पानी भर गया। वहां रह रहे करीब 150 भूमिहीन लोगों को सुरक्षाबलों की मदद से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। घटना की जानकारी लेने पहुंचे 'जेन जेड' से जुड़े युवा कार्यकर्ताओं पर शनिवार को पुलिस ने लाठीचार्ज किया और कई लोगों को हिरासत में ले लिया। इस दौरान एक कार्यकर्ता घायल हो गया, जिसे स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया।

नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष गगन कुमार थापा ने पुलिस कार्रवाई की आलोचना करते हुए गिरफ्तार कार्यकर्ताओं की तत्काल रिहाई की मांग की। वहीं, कोशी प्रांत के मोरांग जिले में भी 'जेन जेड' कार्यकर्ताओं के साथ कथित दुर्व्यवहार के विरोध में धरना दे रहे 26 लोगों को पुलिस ने रविवार को गिरफ्तार कर लिया।

गौरतलब है कि अप्रैल में नेपाल सरकार ने काठमांडू घाटी सहित कई क्षेत्रों से भूमिहीनों की झुग्गियां और अस्थायी आवास हटाए थे, जिससे 2,600 परिवारों के 15,000 से अधिक लोग प्रभावित हुए थे। इनमें से 325 परिवारों को अस्थायी पुनर्वास केंद्रों में रखा गया था।

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