मान सरकार ने की ‘पंजाब शिक्षा क्रांति’ की शुरुआत

कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कई विकास कार्यों का किया शुभारंभ
कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा विकास कार्यों का उद्घाटन करते हुए
कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा विकास कार्यों का उद्घाटन करते हुए
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चंडीगढ़ : मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार द्वारा शिक्षा क्षेत्र में विशेष प्रयासों के तहत शुरू की गयी ‘पंजाब शिक्षा क्रांति’ मुहिम के अंतर्गत सोमवार को कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने दिडबा हलके के गांव कमालपुर, मौडा और स्कूल ऑफ एमिनेंस, दिडबा में लाखों रुपये के विकास कार्यों का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने गांव कमालपुर के हाई स्कूल में 41.19 लाख रुपये, गांव मौडा के सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्मार्ट स्कूल में 13.65 लाख रुपये और कॉमरेड भीम सिंह स्कूल ऑफ एमिनेंस, दिडबा में 53.77 लाख रुपये के विकास कार्यों का शुभारंभ किया।

कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने इस मौके पर बताया कि प्रदेश में लगभग 20,000 सरकारी स्कूल हैं और हर सरकारी स्कूल की कायाकल्प के लिए मान सरकार ने ‘पंजाब शिक्षा क्रांति’ की शुरुआत की है। उन्होंने बताया कि इस मुहिम के तहत अब तक करीब 12,000 स्कूलों का रूपांतरण कार्य पूरा किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों द्वारा शिक्षा क्षेत्र को पूरी तरह से नजरंदाज किया गया, लेकिन आम आदमी पार्टी सरकार ने अपने पहले ही बजट में शिक्षा क्षेत्र का बजट लगभग 57 प्रतिशत बढ़ाया था। कैबिनेट मंत्री चीमा ने कहा कि मान सरकार द्वारा स्कूलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ अध्यापकों के कौशल को और निखारने के प्रयास लगातार जारी हैं उन्होंने बताया कि अध्यापकों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण देने के लिए विदेश भेजा जा रहा है, जो कि राज्य के इतिहास में पहली बार हुआ है। उन्होंने बताया कि आम परिवारों के बच्चों को सरकारी नौकरियों में स्थान दिलाया गया है और करीब 20,000 अध्यापकों की भर्ती की गयी है। मंत्री ने कहा कि मान सरकार की शिक्षा क्षेत्र में की गई पहलों का सकारात्मक असर विद्यार्थियों के प्रदर्शन में भी साफ नजर आ रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे लगभग 200 विद्यार्थियों ने जेईई परीक्षा पास की है, जो कि एक अनूठी मिसाल है। ऐसी उपलब्धियों को और बढ़ावा देने के लिए स्कूल ऑफ एमिनेंस शुरू किए गए हैं, जहां हर स्ट्रीम में उत्कृष्ट विद्यार्थी तैयार किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि अब स्कूलों में विषय आधारित प्रयोगशालाएं, एजुकेशनल पार्क, लड़कों और लड़कियों के लिए अलग-अलग शौचालय, बसों की सुविधा, सुरक्षा गार्ड, चौकीदार, सफाई सेवक आदि सेवाओं की व्यवस्था की गयी है।

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