

माले : मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने कहा है कि उनका देश पिछले नौ वर्षों से ठप पड़े दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (सार्क) की बैठकों को फिर से शुरू कराने में हरसंभव सहयोग देने और मध्यस्थ की भूमिका निभाने के लिए तैयार है।
मालदीव के 61वें स्वतंत्रता दिवस समारोह को संबोधित करते हुए मुइज्जू ने कहा कि सार्क दक्षिण एशिया का एक महत्वपूर्ण क्षेत्रीय संगठन है, लेकिन पिछले नौ वर्षों से इसकी गतिविधियां ठप पड़ी हैं। उन्होंने कहा कि मालदीव हमेशा विवादों के शांतिपूर्ण समाधान का समर्थक रहा है और क्षेत्र में शांति तथा स्थिरता बनाए रखने के लिए सार्क को पुनर्जीवित करना और सदस्य देशों के बीच संवाद फिर से शुरू करना बेहद जरूरी है। मालदीव सभी मतभेद रखने वाले देशों से बातचीत की मेज पर आने, क्षेत्रीय विकास और शांति को प्राथमिकता देने तथा सहयोग की भावना से काम करने का आग्रह करता है। यदि इसमें कोई कठिनाई आती है तो मालदीव पहल करने और बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए मध्यस्थ की भूमिका निभाने को तैयार है।
गौरतलब है कि सार्क में भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल, भूटान, श्रीलंका, मालदीव और अफगानिस्तान सदस्य हैं। सार्क का 18वां शिखर सम्मेलन नवंबर 2014 में नेपाल की राजधानी काठमांडू में हुआ था। इसके बाद 2016 में पाकिस्तान में प्रस्तावित 19वां शिखर सम्मेलन भारत सहित कुछ सदस्य देशों के बहिष्कार के कारण नहीं हो सका। भारत ने सीमा पार आतंकवाद को लेकर अपनी गंभीर चिंताओं के चलते सम्मेलन में हिस्सा नहीं लेने का फैसला किया था। तब से सार्क की शिखर स्तरीय बैठकें आयोजित नहीं हो सकी हैं।