

सन्मार्ग संवाददाता
विजयपुरम : ग्रेट निकोबार के कैंपबेल बे स्थित मुख्य जेट्टी पर कल रात एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब एम.वी. नालंदा पोत से कार्गो उतारने के दौरान सामान से लदा एक टिप्पर अनियंत्रित होकर सीधे समुद्र में जा गिरा। राहत की बात यह रही कि समय रहते चालक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और उसकी जान बच गई।प्राप्त जानकारी के अनुसार, एम.वी. नालंदा 5 अगस्त को श्री विजयपुरम से यात्रियों एवं कार्गो को लेकर कैंपबेल बे पहुंचा था। रात लगभग 9:45 बजे से 10:30 बजे के बीच कार्गो उतारने का कार्य चल रहा था। इसी दौरान एक टिप्पर में माल लोड कर उसे जेट्टी से बाहर ले जाया जा रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार चालक वाहन को जेट्टी के अंतिम छोर तक ले जाकर रिवर्स कर मोड़ने का प्रयास कर रहा था। इसी दौरान जेट्टी के किनारे पर एक पहिया फिसल गया, जिससे वाहन का संतुलन बिगड़ गया और पूरा टिप्पर समुद्र में जा गिरा।बताया जा रहा है कि टिप्पर पूरी तरह पानी में डूब गया, जबकि उसमें रखा सामान धीरे-धीरे बहकर समुद्र की सतह पर आने लगा। स्थानीय मछुआरा समुदाय के सदस्य तथा अन्य लोगों ने तत्काल बचाव कार्य शुरू किया। मछुआरों ने कोस्ट गार्ड की जेमिनी बोट की सहायता से समुद्र में तैरकर आए सामान को एकत्र कर सुरक्षित जेट्टी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।घटना के तुरंत बाद एम.वी. नालंदा के चालक दल ने तत्काल लाइफ बॉय समुद्र में फेंककर चालक का सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया। चालक पूरी तरह सुरक्षित बताया जा रहा है और उसे किसी प्रकार की गंभीर चोट नहीं आई है।समाचार लिखे जाने तक टिप्पर समुद्र के भीतर ही डूबा हुआ था तथा उसे बाहर निकालने की कार्रवाई शुरू नहीं हो सकी थी। उल्लेखनीय है कि कैंपबेल बे की यह मुख्य जेट्टी ग्रेट निकोबार की सबसे महत्वपूर्ण समुद्री अवसंरचनाओं में से एक है, जहां नालंदा और सिंधु श्रेणी के पोत नियमित रूप से यात्रियों एवं कार्गो का आवागमन करते हैं। इस घटना ने जेट्टी पर भारी वाहनों की आवाजाही के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और सतर्कता को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। प्रशासन द्वारा मामले की जांच और टिप्पर को बाहर निकालने की कार्रवाई किए जाने की संभावना है।