

सन्मार्ग संवाददाता
श्री विजयपुरम : मध्य अंडमान के पहलगांव पंचायत के ग्राम प्रधान ने आरोप लगाया है कि उनके क्षेत्र में कथित अवैध गतिविधियों के संबंध में सरकारी अधिकारियों के समक्ष लगातार शिकायतें उठाने के बाद उन पर कुछ व्यक्तियों के एक समूह द्वारा हमला किया गया। शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए मायाबंदर पुलिस ने अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी दी है, जबकि मामले तथा उससे जुड़े आरोपों की आगे की जांच जारी है। पहलगांव के ग्राम प्रधान सिबानंद बैरागी द्वारा मायाबंदर पुलिस थाने के स्टेशन हाउस ऑफिसर को सौंपे गए शिकायत पत्र के अनुसार, उन्हें तुगापुर वार्ड नंबर-3 (मधु टिकरी) में रहने वाले कुछ व्यक्तियों की कथित गतिविधियों के संबंध में स्थानीय निवासियों से लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। अपनी शिकायत में श्री बैरागी ने आरोप लगाया है कि स्थानीय लोगों ने उन्हें क्षेत्र में अवैध शराब तथा नशीले पदार्थों की कथित बिक्री की जानकारी दी थी। उन्होंने यह भी दावा किया कि कुछ व्यक्ति कथित रूप से सरकारी राजस्व भूमि पर अतिक्रमण, अनधिकृत निर्माण तथा धोखाधड़ी के माध्यम से सरकारी दस्तावेज प्राप्त करने जैसी गतिविधियों में शामिल हैं। प्रधान ने बताया कि उन्होंने इससे पूर्व उत्तर एवं मध्य अंडमान के उपायुक्त तथा स्थानीय पुलिस अधिकारियों सहित विभिन्न अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर संबंधित दस्तावेजों की जांच तथा कथित गतिविधियों की पड़ताल करने का अनुरोध किया था। उन्होंने आगे कहा कि 2 जून और 3 जून को भी उन्होंने नए लिखित प्रतिवेदन सौंपे थे, जिनमें अवैध शराब बिक्री, कथित मादक पदार्थ गतिविधियों, सरकारी भूमि पर अतिक्रमण तथा अन्य जांच योग्य मामलों से जुड़े आरोपों का उल्लेख किया गया था। शिकायत में तुगापुर वार्ड नंबर-3 स्थित “सविता चिकन सेंटर” नामक प्रतिष्ठान के निरीक्षण की भी मांग की गई थी, जिसके संबंध में शिकायतकर्ता का कहना है कि सक्षम अधिकारियों द्वारा इसकी जांच की जानी चाहिए। बैरागी के बयान के अनुसार, घटना 8 जून को सुबह लगभग 9 बजे उस समय हुई जब वह बैंक की ओर जा रहे थे। उनका आरोप है कि लाल टिकरी क्षेत्र में पहुंचने पर एक वाहन ने उनका रास्ता रोक लिया। उन्होंने दावा किया कि सतींदर बहादुर, संजीव बहादुर और सतीश बहादुर वाहन से बाहर निकले और पत्थरों, डंडों तथा मुक्कों से उन पर हमला कर दिया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि इस घटना में उनके सीने, चेहरे, आंखों, होंठों, हाथों और पैरों में चोटें आईं तथा उनकी गाड़ी के शीशे भी क्षतिग्रस्त हो गए। उन्होंने आगे बताया कि उनकी चीख-पुकार सुनकर स्थानीय लोग और पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे तथा हस्तक्षेप कर आगे के हमले को रोका। बैरागी का आरोप है कि यह हमला उन शिकायतों के प्रतिशोध स्वरूप किया गया, जो उन्होंने कथित अवैध गतिविधियों के संबंध में अधिकारियों को सौंपी थीं। उन्होंने न केवल हमले बल्कि अवैध शराब बिक्री, कथित मादक पदार्थ तस्करी, सरकारी भूमि पर अतिक्रमण तथा कुछ सरकारी दस्तावेजों की वैधता से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग की है। सूत्रों ने बताया कि शिकायत तथा प्रारंभिक जांच के आधार पर कथित हमले के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। मामले की जांच अभी जारी है और अधिकारी शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए सभी आरोपों सहित पूरे प्रकरण के विभिन्न पहलुओं की जांच कर रहे हैं।
पुलिस ने फिलहाल चल रही जांच के संबंध में कोई विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की है।