आंध्र प्रदेश में होगी सोने की खुदाई, 405 करोड़ के प्रोजेक्ट से हर साल 2 टन गोल्ड उत्पादन का लक्ष्य

कुरनूल के जोन्नागिरी में 1,500 एकड़ में विकसित हो रही स्वर्ण परियोजना से सरकार को 4% रॉयल्टी, पहले साल 400 किलो से शुरू होकर हर साल 2 टन सोना निकालने का लक्ष्य
405 करोड़ की परियोजना से हर साल 2 टन गोल्ड उत्पादन का लक्ष्य
आंध्र प्रदेश में शुरू होगी सोने की खुदाई
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देश में सोने की कीमतें लगातार नई ऊंचाइयों पर पहुंच रही हैं। इसी बीच आंध्र प्रदेश से एक बड़ी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने कुरनूल जिले के जोन्नागिरी में स्थापित की जा रही एक विशाल निजी गोल्ड माइनिंग और प्रोसेसिंग परियोजना को मंजूरी दे दी है। करीब 405 करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना भारत के प्रमुख स्वर्ण खनन प्रोजेक्ट्स में गिनी जा रही है।

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1500 एकड़ में विकसित हो रही परियोजना

यह खनन परियोजना लगभग 1,500 एकड़ क्षेत्र में विकसित की जा रही है। पहले चरण में 600 एकड़ क्षेत्र में सोने के उत्खनन का कार्य शुरू किया जाएगा। राज्य सरकार ने इस क्षेत्र की पहचान को नया स्वरूप देने के लिए जोन्नागिरी गांव का प्रतीकात्मक नाम 'स्वर्णगिरि' रखने की भी घोषणा की है।

KGF जैसी सफलता दोहराने की उम्मीद

राज्य सरकार का मानना है कि यह परियोजना देश की ऐतिहासिक कोलार गोल्ड फील्ड्स (KGF) की तर्ज पर स्वर्ण उत्पादन का नया केंद्र बन सकती है। अनुमान है कि पहले वर्ष में यहां से करीब 400 किलोग्राम सोना निकलेगा। दूसरे वर्ष उत्पादन बढ़कर 900 किलोग्राम तक पहुंच सकता है, जबकि आने वाले वर्षों में हर साल लगभग 2 टन सोना निकालने का लक्ष्य तय किया गया है।

रोजगार और राजस्व दोनों में होगा बड़ा फायदा

यह परियोजना केवल सोने के उत्पादन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देगी। इसके जरिए करीब 700 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है। साथ ही सोने के उत्पादन मूल्य पर राज्य सरकार को 4 प्रतिशत रॉयल्टी प्राप्त होगी, जिससे सरकारी राजस्व में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।

सरकार का कहना है कि यह परियोजना खनन क्षेत्र में निवेश बढ़ाने, स्थानीय विकास को गति देने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

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