

सन्मार्ग संवाददाता
श्री विजयपुरम : अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के माननीय सांसद तथा रंगत के सहायक आयुक्त के हालिया दौरे के दौरान बाराटांग के ओरलकच्छा स्थित फॉरेस्ट लेबर क्लब में एक व्यापक जनसुनवाई बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में विभिन्न विभागों के प्रमुखों, पंचायती राज संस्थाओं के सदस्यों और आम जनता ने भाग लिया, जहां बाराटांग द्वीप से जुड़े कई लंबित और महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। रिपोर्टों के अनुसार, बैठक में उठाए गए प्रमुख मुद्दों में से एक बाराटांग द्वीप में लंबित पुनर्वास का मामला था, जो वर्ष 2011 से अब तक लंबित है। सर्वेक्षण और पुनर्वास के पूर्व प्रयास लॉजिस्टिक समस्याओं के कारण विलंबित हुए और बाद में कोविड-19 महामारी के कारण बाधित हो गए। स्थानीय लोगों ने उचित पुनर्वास और विकास के लिए सर्वेक्षण प्रक्रिया को शीघ्र पुनः प्रारंभ करने की मांग की। एक अन्य महत्वपूर्ण मुद्दा खत्ता खाड़ी को बसाहट गांव के रूप में अधिसूचित न किए जाने का था, जिससे बुनियादी ढांचे के विकास और पेयजल जैसी आवश्यक सेवाओं की उपलब्धता प्रभावित हो रही है। इसी प्रकार बाराटांग में पत्थर खदान को पुनः खोलने की भी जोरदार मांग की गई, क्योंकि इसके बंद होने से निर्माण सामग्री की उपलब्धता और स्थानीय रोजगार पर असर पड़ा है। बैठक में नीलांबुर में विभिन्न विभागों से राजस्व विभाग को भूमि हस्तांतरण में हो रही देरी पर भी चिंता जताई गई, जो क्षेत्र के नियोजित विकास के लिए आवश्यक है। इसके साथ ही सड़कों की खराब स्थिति, विशेषकर एतवा लखनवा हाउस से सतीश हाउस तक के मार्ग की दुर्दशा पर भी चिंता व्यक्त की गई, जिससे स्कूली बच्चों सहित आम लोगों को आवागमन में कठिनाई हो रही है।
बिजली क्षेत्र में डीजी सेट लगाए जाने के बावजूद बाराटांग में अस्थिर विद्युत आपूर्ति की समस्या को भी उठाया गया। बार-बार बिजली कटौती और असुविधाजनक लोड शेडिंग से आम जनता और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को परेशानी हो रही है। पंचायती राज सदस्यों ने बताया कि बैठक में नयागढ़ और बलुदेरा बीच पर बुनियादी सुविधाओं की कमी, नीलांबुर जेट्टी के यात्री टर्मिनल भवन के समुचित प्रबंधन की आवश्यकता तथा कुछ मामलों में पारदर्शी निविदा प्रक्रिया के अभाव पर भी चर्चा हुई। जल संकट एक अन्य प्रमुख मुद्दे के रूप में उभरकर सामने आया, जहां रोगलचांग और खत्ता खाड़ी में जल आपूर्ति परियोजनाओं में देरी की बात कही गई। बाराटांग जल आपूर्ति परियोजना, विशेषकर चेक वीयर से संबंधित समस्याओं को भी गंभीर मुद्दा बताया गया। इसके अतिरिक्त नाव संचालकों से राजस्व संग्रह पुनः शुरू करने, ओरलकच्छा में स्कूल खेल मैदान के विकास और पंचायत सुविधाओं के लिए भूमि आवंटन की मांग भी की गई।
पंचायती राज सदस्यों ने कंचनगढ़ में तालाब निर्माण में देरी का मुद्दा भी उठाया, जो जल संकट के समाधान के लिए महत्वपूर्ण है। स्थानीय निवासियों ने कहा कि इन मुद्दों को पिछले एक दशक से बार-बार उठाया जा रहा है, लेकिन प्रगति बेहद धीमी रही है। उन्होंने सांसद और प्रशासन से पानी, बिजली, सड़क और बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए तत्काल कार्रवाई की मांग की।
पंचायती राज सदस्यों के अनुसार, इस अवसर पर एक औपचारिक ज्ञापन सांसद को सौंपा गया। इसके बाद इन मुद्दों को दोहराते हुए एक विस्तृत पत्र भी प्रस्तुत किया गया, जिसमें त्वरित हस्तक्षेप और समयबद्ध कार्रवाई की मांग की गई।