

चेन्नई : तमिलनाडु भाजपा का सबसे चर्चित चेहरा माने जाने वाले के. अन्नामलाई ने आखिरकार भारतीय जनता पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। कई दिनों से चल रही अटकलों के बीच भाजपा ने शुक्रवार को उनके इस्तीफे को स्वीकार करने की आधिकारिक घोषणा कर दी।
पार्टी की ओर से जारी बयान में कहा गया कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने तमिलनाडु भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई द्वारा प्राथमिक सदस्यता से दिए गए इस्तीफे को स्वीकार कर लिया है।
यह घटनाक्रम उस समय सामने आया जब अन्नामलाई सोशल मीडिया पर जनता के साथ "ओपन हार्ट-टू-हार्ट" बातचीत करने वाले थे।
दिल्ली में हुई कई दौर की बैठकें
41 वर्षीय अन्नामलाई हाल ही में दिल्ली पहुंचे थे, जहां उन्होंने भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात की। सूत्रों के अनुसार, उन्होंने पार्टी से सौहार्दपूर्ण तरीके से अलग होने की इच्छा जताई थी। इसके बाद उनकी मुलाकात केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के वरिष्ठ संगठन नेता बी.एल. संतोष से भी हुई।
बताया जा रहा है कि पार्टी नेतृत्व ने पहले उन्हें निर्णय पर पुनर्विचार करने के लिए कहा था। इसके बाद पर्दे के पीछे कई दौर की बातचीत हुई। तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन को भी दिल्ली बुलाया गया, लेकिन अंततः अन्नामलाई का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया।
इस्तीफा पत्र में क्या लिखा?
अपने इस्तीफा पत्र में अन्नामलाई ने कहा कि राष्ट्रीय दल अक्सर तमिलनाडु के लोगों की भाषा और भावनाओं को समझने में असफल रहे हैं।
उन्होंने लिखा, "मैंने इस सोच को बदलने की कोशिश की और कई बाधाओं तथा चुनौतियों के बावजूद इसमें काफी हद तक सफल भी रहा।"
साथ ही उन्होंने भाजपा के शीर्ष नेतृत्व का समर्थन और विश्वास बनाए रखने के लिए आभार व्यक्त किया।
क्या नई पार्टी बनाएंगे अन्नामलाई?
सूत्रों के मुताबिक, अन्नामलाई अब तमिलनाडु में युवाओं की पहचान, प्रशिक्षण और नेतृत्व विकास पर केंद्रित एक जनआंदोलन शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं। माना जा रहा है कि भविष्य में यही अभियान एक राजनीतिक दल का रूप भी ले सकता है।
अन्नामलाई पहले से ही "वी द लीडर्स" नामक एक गैर-लाभकारी नेतृत्व पहल चला रहे हैं, जिसे उनके नए राजनीतिक प्रोजेक्ट की आधारशिला माना जा रहा है।
2020 में BJP में हुए थे शामिल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रबल समर्थक माने जाने वाले अन्नामलाई ने भारतीय पुलिस सेवा (IPS) की नौकरी छोड़कर 2020 में भाजपा का दामन थामा था। पार्टी में शामिल होने के कुछ ही सप्ताह बाद उन्हें तमिलनाडु भाजपा का उपाध्यक्ष बनाया गया।
साल 2021 में महज 37 वर्ष की उम्र में उन्हें प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंप दी गई थी। इसके बाद उनका कद लगातार बढ़ता गया और उन्हें 2023 के कर्नाटक विधानसभा चुनाव में भाजपा का सह-प्रभारी भी बनाया गया था।
AIADMK गठबंधन बना मतभेद की वजह?
राजनीतिक सूत्रों का मानना है कि भाजपा और एआईएडीएमके के बीच 2026 तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले गठबंधन की वापसी के बाद अन्नामलाई और केंद्रीय नेतृत्व के बीच मतभेद बढ़ गए थे।
सूत्रों के अनुसार, अन्नामलाई चाहते थे कि भाजपा तमिलनाडु में अकेले चुनाव लड़कर अपना जनाधार बढ़ाए, जबकि पार्टी नेतृत्व गठबंधन के पक्ष में था। माना जाता है कि इसी समझौते के तहत उन्हें प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाया गया था।
जनाधार बढ़ाया, लेकिन चुनावी जीत नहीं मिली
अन्नामलाई को तमिलनाडु में भाजपा की पहचान और वोट शेयर बढ़ाने का श्रेय दिया जाता है। हालांकि, अब तक उन्हें कोई बड़ी चुनावी सफलता नहीं मिली है। उन्होंने 2021 का विधानसभा चुनाव और 2024 का लोकसभा चुनाव लड़ा, लेकिन दोनों में हार का सामना करना पड़ा।
अब भाजपा से अलग होने के बाद तमिलनाडु की राजनीति में उनकी अगली रणनीति पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।