

मॉस्को : रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने गुरुवार को पहली बार कुरील द्वीप समूह का दौरा किया। रूस के नियंत्रण वाले इस प्रशांत द्वीप समूह पर जापान भी अपना दावा करता है। पुतिन के दौरे पर टोक्यो ने कड़ा विरोध जताया। पुतिन ने कुरील द्वीप समूह के दक्षिणी छोर के प्रमुख द्वीप इतुरुप का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने एक मछली प्रसंस्करण संयंत्र, अस्पताल और स्कूल का निरीक्षण किया। उन्होंने स्थानीय लोगों से संक्षिप्त बातचीत भी की और रूस के सखालिन क्षेत्र के गवर्नर वालेरी लिमारेंको से मुलाकात की। जापान कुरील द्वीप समूह के चार दक्षिणी द्वीपों पर अपना क्षेत्रीय अधिकार जताता है और इन्हें ‘नॉर्दर्न टेरिटरीज’ कहता है। द्वितीय विश्व युद्ध के अंतिम दिनों में सोवियत संघ ने इन द्वीपों पर कब्जा कर लिया था। इस क्षेत्रीय विवाद के कारण दोनों देशों के बीच दशकों से चल रहे प्रयासों के बावजूद औपचारिक शांति संधि नहीं हो सकी है। जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी ने पुतिन की इतुरुप यात्रा पर ‘कड़ा विरोध’ जताया। मोतेगी ने कहा कि नॉर्दर्न टेरिटरीज, जिसमें एतोरोफू द्वीप भी शामिल है, ऐतिहासिक और अंतरराष्ट्रीय कानून दोनों के लिहाज से जापान का अभिन्न क्षेत्र है।