जयशंकर ने पोलिश शरणार्थियों को पनाह देने वाले भारतीय राजाओं को दी श्रद्धांजलि

विदेश मंत्री ने वारसॉ में स्मारकों पर अर्पित किए श्रद्धासुमन
Jaishankar paid tribute to Indian kings
स्मारकों पर श्रद्धांजलि अर्पित करते विदेश मंत्री एस. जयशंकर
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वारसॉ : विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शनिवार को वारसॉ में उन दो स्मारकों पर श्रद्धांजलि अर्पित की, जो द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान पोलिश शरणार्थियों को भारत द्वारा दी गई मानवीय सहायता और आश्रय की याद दिलाते हैं। उन्होंने भारत-पोलैंड के संबंधों में इस ऐतिहासिक और कम चर्चित अध्याय को दोनों देशों के बीच मजबूत रिश्तों की महत्वपूर्ण कड़ी बताया। जयशंकर ने यह दौरा पोलैंड के उपप्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री राडोस्लाव सिकोरस्की के साथ शुक्रवार को हुई व्यापक वार्ता के एक दिन बाद किया। दोनों नेताओं के बीच व्यापार एवं निवेश, रक्षा, अंतरिक्ष, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सेमीकंडक्टर, ऊर्जा और आपूर्ति शृंखला की मजबूती समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई। जयशंकर 3 से 5 सितंबर तक यूक्रेन और पोलैंड की दो देशों की यात्रा पर हैं। उन्होंने गुरुवार को कीव में यूक्रेन के शीर्ष नेतृत्व से भी मुलाकात की थी। जयशंकर ने नवानगर के तत्कालीन महाराजा दिग्विजय सिंह जी रणजीत सिंह जी जडेजा के स्मारक पर पहुंचकर उनके मानवीय योगदान को याद किया। इसके बाद वारसॉ स्थित कोल्हापुर स्मारक पर भी श्रद्धांजलि अर्पित की। यह स्मारक द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान कोल्हापुर रियासत द्वारा करीब 5,000 पोलिश शरणार्थियों को दी गई शरण की याद दिलाता है। इनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। इन शरणार्थियों को महाराष्ट्र के कोल्हापुर के पास वालिवडे में आश्रय दिया गया था।

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