

तेल अवीव : इजराइल के राष्ट्रपति इसाक हर्जोग ने कहा है कि दुबई से तेल अवीव आ रहे फ्लाईदुबई के विमान के कॉकपिट में सह-पायलट के हमले का सामना करने वाले भारतीय कैप्टन स्मित मछार को इजराइल का सर्वोच्च नागरिक वीरता पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। राष्ट्रपति हर्जोग ने 30 सितंबर 2026 को दुबई से तेल अवीव जा रही उड़ान में सवार छह लोगों को ‘प्रेसिडेंशियल अवॉर्ड फॉर सिविलियन हीरोइज्म’ प्रदान किया। जिसमें विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने की कोशिश कर रहे हमलावर को रोकने में भूमिका निभाने के लिए ताली मानेस, ज्विका मानेस, यानिव हायून, शोटा मुसायेव, असफ राजुआन और ओर पारदिलॉव को यह पुरस्कार दिया गया। यरुशलम स्थित राष्ट्रपति आवास में आयोजित समारोह में हर्जोग ने कहा, हम इजराइली नायकों को सम्मानित कर रहे हैं। साथ ही, हम भारत के कैप्टन स्मित मछार के जल्द और पूरी तरह स्वस्थ होने की हार्दिक कामना करते हैं। राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘उनके अदम्य साहस, वीरता और पेशेवर कुशलता ने एक बड़ी त्रासदी टालने में मदद की। उनके स्वस्थ होने पर इजराइल की जनता की ओर से उन्हें यह पुरस्कार प्रदान करना मेरे लिए सम्मान और सौभाग्य की बात होगी।’’
पायलट स्मित मछार की बहादुरी की सराहना की
अमेरिकी सांसद राजा कृष्णमूर्ति ने फ्लाईदुबई के विमान में सवार 172 यात्रियों की जान बचाने के लिए असाधारण वीरता दिखाने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मछार की सराहना करते हुए शुक्रवार को उनके सम्मान में अमेरिकी संसद में एक बयान दर्ज कराया। कृष्णमूर्ति ने कहा कि ‘‘मैं आज भारत के कैप्टन स्मित मछार को सम्मानित करने के लिए खड़ा हुआ हूं। एक पति, पिता और 17 वर्ष के उड़ान अनुभव वाले इस जांबाज पायलट ने 30 सितंबर 2026 को असाधारण वीरता का परिचय देकर फ्लाईदुबई की उड़ान संख्या 1073 में सवार लोगों की जान बचाई। इनमें चार अमेरिकी नागरिक और 27 बच्चे भी शामिल थे।’’