

सन्मार्ग संवाददाता
श्री विजयपुरम : मुख्यभूमि भारत से भारतीय डाक के माध्यम से भेजी जाने वाली डाक एवं पार्सलों की डिलीवरी में अभूतपूर्व देरी के कारण अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह के निवासी भारी कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। भारतीय डाक के माध्यम से बुक किए गए पार्सल, दवाइयां, पुस्तकें, शैक्षणिक सामग्री, सरकारी एवं आधिकारिक दस्तावेज, बैंकिंग से जुड़े कागजात, कानूनी दस्तावेज, परीक्षाओं से संबंधित आवश्यक पत्र, तथा अन्य जरूरी सामान द्वीपों तक पहुंचने में पांच से छह सप्ताह से भी अधिक समय ले रहे हैं। इससे उपभोक्ताओं में भारी नाराजगी है और उन्हें अपनी डाक की वर्तमान स्थिति के बारे में भी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पा रही है। प्रभावित उपभोक्ताओं का आरोप है कि स्थानीय डाकघरों में पूछताछ करने पर भी उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा है। उनका कहना है कि स्वयं डाक विभाग के अधिकारी भी देरी के वास्तविक कारण अथवा डिलीवरी की संभावित तिथि के बारे में निश्चित जानकारी देने में असमर्थ हैं। इस लंबे समय से बनी अनिश्चितता ने द्वीपवासियों की परेशानियों को और बढ़ा दिया है, क्योंकि बड़ी संख्या में लोग मुख्यभूमि से आवश्यक सामान प्राप्त करने के लिए डाक व्यवस्था पर ही निर्भर हैं। ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जिसमें 6 जुलाई 2026 को बुक किया गया एक पार्सल तीन सप्ताह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद अभी तक श्री विजयपुरम नहीं पहुंचा है। इसी प्रकार एक अन्य मामले में अगरतला से 22 जून को भेजी गई डाक एक महीने से अधिक समय बीतने के बाद भी अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच सकी है। यह देरी अब आम जनता की गंभीर चिंता का विषय बन चुकी है, क्योंकि हजारों द्वीपवासी केवल दवाइयों के लिए ही नहीं, बल्कि पुस्तकों, शैक्षणिक सामग्री, पासपोर्ट एवं अन्य सरकारी दस्तावेजों, बैंक संबंधी पत्राचार, कानूनी कागजात, व्यावसायिक पार्सलों, मशीनों के स्पेयर पार्ट्स तथा समयबद्ध रूप से पहुंचने वाली अन्य आवश्यक वस्तुओं के लिए भी भारतीय डाक पर निर्भर रहते हैं। इस लंबी बाधा का प्रभाव विद्यार्थियों, पेशेवरों, व्यापारियों तथा आम नागरिकों पर समान रूप से पड़ रहा है। सोशल मीडिया पर बढ़ती शिकायतों के बीच भारतीय डाक ने एक उपभोक्ता के प्रश्न के उत्तर में बताया कि यह देरी श्री विजयपुरम के लिए उपलब्ध विमान सेवाओं में कमी तथा कार्गो स्पेस की सीमित उपलब्धता के कारण हो रही है। विभाग के अनुसार पोर्ट ब्लेयर भेजे जाने वाले मेल बैग चेन्नई एयर पार्सल ट्रांजिट मेल ऑफिस में एकत्र हो गए हैं और उपलब्ध उड़ानों के अनुसार उन्हें क्रमवार भेजा जा रहा है। विभाग ने आगे ग्राहकों को अधिक जानकारी के लिए चेन्नई नेशनल सॉर्टिंग हब से संपर्क करने की सलाह दी तथा हुई असुविधा के लिए खेद भी व्यक्त किया।
हालांकि, द्वीपवासियों का कहना है कि केवल यह स्पष्टीकरण पर्याप्त नहीं है। उन्होंने अंडमान एवं निकोबार प्रशासन तथा डाक विभाग से तत्काल प्रभावी समाधान निकालने की मांग की है। उनका सुझाव है कि जब भी हवाई कार्गो क्षमता अपर्याप्त हो, तब लंबित डाक सामग्री को प्रशासन द्वारा संचालित जहाजों अथवा निजी कार्गो पोतों के माध्यम से द्वीपों तक पहुंचाया जाए, ताकि जमा हो चुके पार्सलों का शीघ्र निपटारा किया जा सके और आवश्यक सामग्री बिना किसी अतिरिक्त देरी के लोगों तक पहुंच सके। बताया जा रहा है कि हजारों डाक पार्सल अभी भी परिवहन की प्रतीक्षा में हैं। ऐसे में द्वीपवासी अब डाक आपूर्ति श्रृंखला को पुनः सुचारू और विश्वसनीय बनाने तथा अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह के लोगों को हो रही लगातार कठिनाइयों से राहत दिलाने के लिए प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं।