

दुबई : अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकर कालीबाफ ने चेतावनी दी है कि ईरान पर अब कोई नया हमला हुआ तो उसका जवाब “और तेज, ज्यादा कड़ा और अधिक दर्दनाक” होगा। उनका यह बयान अमेरिका द्वारा तीन ईरानी तेल टैंकरों को निशाना बनाए जाने के बाद आया है।
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने दावा किया कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य में ‘‘अनधिकृत मार्ग’’ से गुजर रहे तीन तेल टैंकरों और अमेरिका से जुड़े तीन जहाजों को निशाना बनाया। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इससे पहले अमेरिकी सेना ने कहा था कि उसने अमेरिकी युद्धपोतों पर ईरानी हमलों के जवाब में तीन ईरानी कच्चे तेल के टैंकरों पर हमला कर उन्हें नष्ट कर दिया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, ईरान ने दो अमेरिकी नौसैनिक पोतों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं, हालांकि दोनों जहाज हमले से बच गए और किसी अमेरिकी कर्मी के हताहत होने की सूचना नहीं है। तेहरान ने संकेत दिया है कि उसके पास पड़ोसी देशों में अमेरिकी हितों को निशाना बनाने और रणनीतिक होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल की आवाजाही रोकने की क्षमता बरकरार है। इस बीच, ईरान-अमेरिका के बीच बढ़ते टकराव से होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव और बढ़ गया है। यह जलमार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। दोनों पक्षों के बीच जवाबी कार्रवाई से क्षेत्र में व्यापक संघर्ष का खतरा भी गहरा गया है।
इजराइली सेना ने दक्षिणी लेबनान में किए हवाई हमले
इजराइली सेना ने दक्षिणी लेबनान के जौतर अल-शरकिया क्षेत्र में हवाई हमले किए। दक्षिणी सीरिया के कुनेत्रा प्रांत में अल-रफीद के बाहरी इलाके में भी इजराइली सेना ने तोपों से गोलाबारी की। रिपोर्टों के अनुसार, अल-रफीद इलाके में छह गोले दागे गए, हालांकि तत्काल किसी के हताहत होने या नुकसान की सूचना नहीं थी।