

न्यूयॉर्क : ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि ईरान ने अमेरिका के साथ लड़ाई खत्म करने, होर्मुज जलडमरूमध्य फिर खोलने और परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत शुरू करने के लिए सात दिन की योजना पेश की है। संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) सत्र में हिस्सा लेने न्यूयॉर्क पहुंचे अराघची ने कहा कि यह प्रस्ताव जून में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन के बीच हुए ‘इस्लामाबाद समझौते’ पर आधारित है। उन्होंने कहा कि मध्यस्थों के जरिये अमेरिका को योजना दी गई है। इसके तहत कुछ शर्तें पूरी होने पर सातवें दिन होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर खोल दिया जाएगा और वार्ता दोबारा शुरू होगी। यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है, जब न्यूयॉर्क में ईरान और अमेरिका के अधिकारियों के बीच कई दौर की बातचीत हो चुकी है। अराघची ने अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर से मुलाकात की है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि आने वाले दिनों में दोनों पक्षों के बीच और बैठकें हो सकती हैं। एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि मध्यस्थों के जरिये ईरान के साथ सकारात्मक और रचनात्मक बातचीत चल रही है, लेकिन अमेरिका जल्दबाजी में समझौता नहीं करेगा।
60 दिन की जगह सात दिन की समयसीमा
अराघची के अनुसार, नया प्रस्ताव जून के इस्लामाबाद समझौते पर आधारित है, लेकिन इसमें कुछ अहम बदलाव किए गए हैं। ईरान के अधिकारियों के मुताबिक, नए प्रस्ताव में समझौते को लागू करने की प्रक्रिया तेज करने के लिए 60 दिन की वार्ता अवधि को घटाकर सात दिन कर दिया गया है। इसका उद्देश्य बातचीत को लंबा खिंचने से रोकना और किसी भी पक्ष द्वारा प्रक्रिया को बाधित करने की आशंका कम करना है।