

नई दिल्ली: ईरान ने देशव्यापी हिंसक प्रदर्शनों के मद्देनजर अमेरिका के साथ तनाव बढ़ने के बीच बृहस्पतिवार को अपने हवाई क्षेत्र को व्यावसायिक विमानों के लिए बंद करने का आदेश जारी किया। पायलटों के लिए जारी एक नोटिस में कहा गया है कि स्थानीय समयानुसार सुबह साढ़े सात बजे तक हवाई क्षेत्र के बंद रहने का अनुमान है। इससे पहले जारी एक आदेश में हवाई क्षेत्र को दो घंटे से कुछ अधिक समय के लिए बंद किया गया था। ईरान की सरकार ने अपने हवाई क्षेत्र को बंद करने के फैसले के बारे में कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया।
ईरानी अधिकारियों ने बुधवार को संकेत दिया कि देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों में हिरासत में लिए गए संदिग्धों के मामले में त्वरित सुनवाई हो सकती है और फांसी की सजा दी जा सकती है। वहीं, इस्लामी गणराज्य ने अमेरिका या इजराइल द्वारा घरेलू अशांति में हस्तक्षेप करने पर जवाबी कार्रवाई का संकल्प जताया है। ये धमकियां ऐसे समय में सामने आई हैं जब कतर में एक अहम अमेरिकी सैन्य अड्डे पर तैनात कुछ कर्मियों को वहां से निकलने की सलाह दी गई। वहीं, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 24 घंटे के भीतर कई ऐसे बयान दिए हैं जिनसे यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि ईरान के खिलाफ अमेरिका यदि कोई कार्रवाई करेगा तो क्या कार्रवाई करेगा।
पायलटों को भेजे गए एक नोटिस में कहा गया है कि इस्लामिक गणराज्य ने बृहस्पतिवार तड़के बिना कई घंटों तक वाणिज्यिक उड़ानों के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया। इसका कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया गया। पत्रकारों से बातचीत में अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि उन्हें बताया गया है कि ईरान में फांसी की सजा देने की योजना रोक दी गई है, हालांकि उन्होंने इसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी। ट्रंप ने एक दिन पहले प्रदर्शनकारियों से कहा था कि ‘‘मदद आ रही है’’ और उनका प्रशासन इस्लामिक गणराज्य की घातक कार्रवाई के जवाब में ‘‘उचित कार्रवाई करेगा’’, जिसके बाद ट्रंप के रुख में यह बदलाव सामने आया है।