भारत की औसत स्कूलिंग कई देशों से पीछे, औसत स्कूलिंग के साल बढ़ाने की जरूरत : आर्थिक सर्वे

आर्थिक सर्वेक्षण 2025 की रिपोर्ट में देश की स्‍कूलिंग के अनुमानित वर्षों को बढ़ाने की सलाह दी गई है।
 भारत की औसत स्कूलिंग कई देशों से पीछे, औसत स्कूलिंग के साल बढ़ाने की जरूरत : आर्थिक सर्वे
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नयी दिल्ली : भारत स्कूलिंग के वर्षों में दुनिया के कई देशों से पीछे है भारत का शिक्षा इंडैक्स वैश्विक स्तर पर कमजोर बना हुआ है। आर्थिक सर्वेक्षण 2025 की रिपोर्ट में देश की स्‍कूलिंग के अनुमानित वर्षों को बढ़ाने की सलाह दी गई है। स्कूली शिक्षा के वर्ष को मौजूदा 13 वर्ष से बढ़ाकर 15 वर्ष करने की सलाह दी गई है।

बृहस्पतिवार को पेश किए गए आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के अनुसार भारत विश्‍व की सबसे बड़ी स्‍कूली शिक्षा प्रणाली है। देश में 14.71 लाख स्कूलों में 24.69 करोड़ छात्र और 1.1 करोड़ शिक्षक है। भारत में अभी औसत अपेक्षित पढ़ाई 13 वर्ष है। जबकि जर्मनी में 17.3 वर्ष, अमेरिका में 15.9 वर्ष, ब्राजील में 15.8 वर्ष, चीन और जापान में 15.5 वर्ष, रूस में 13.2 और इंडोनेशिया में औसत अपेक्षित स्कूलिंग 13.3 वर्ष है। अन्य देशों की तुलना में भारत को अभी लंबी छलांग की जरूरत है

। इसमें 3 से 18 वर्ष की स्‍कूलिंग संरचना को एनईपी के 5+3+3+4 के तहत 15 वर्ष करना होगा। वर्ष 2024 में करीब 27 फीसदी आबादी स्कूल जाने की उम्र (3–18 वर्ष) में थी। जबकि वर्ष 2047 तक यह 20 फीसदी से ज्यादा बना रहेगा।

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