

मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए ड्रोन और मिसाइल हमले ने हालात को और गंभीर बना दिया है। इस हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई, जबकि 63 लोग घायल बताए जा रहे हैं। घायलों में कई की हालत नाजुक है और उन्हें विशेष चिकित्सा निगरानी में रखा गया है। कुवैत के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, हमले में कई लोगों को सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। राहत एवं बचाव कार्य के लिए बड़ी संख्या में एम्बुलेंस तैनात की गईं और घायलों को नजदीकी अस्पतालों में पहुंचाया गया।
हमले से एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 को भारी नुकसान पहुंचा, जिसके चलते कुछ समय के लिए उड़ान संचालन रोकना पड़ा। सुरक्षा जांच के बाद सीमित स्तर पर सेवाएं दोबारा शुरू की गईं। भारतीय दूतावास ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए मृतक भारतीय नागरिक के परिवार के प्रति संवेदना जताई है।
अमेरिकी सैन्य कमान का दावा है कि ईरान ने कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाते हुए ड्रोन और मिसाइल हमले किए, हालांकि अधिकांश हमलों को नाकाम कर दिया गया। दूसरी ओर, ईरान का कहना है कि उसकी कार्रवाई अमेरिकी सैन्य गतिविधियों के जवाब में की गई आत्मरक्षात्मक प्रतिक्रिया है। ईरान ने कुवैत और बहरीन पर आरोप लगाया है कि उनके क्षेत्रों का उपयोग ईरान के खिलाफ अमेरिकी अभियानों में किया जा रहा है। तेहरान ने चेतावनी दी है कि भविष्य में किसी भी हमले का जवाब और अधिक सख्ती से दिया जाएगा।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक पॉडकास्ट इंटरव्यू में स्वीकार किया कि लेबनान पर इजराइली हमलों को लेकर उनकी प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से तीखी बातचीत हुई थी। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि नेतन्याहू के साथ उनके संबंध मजबूत हैं और दोनों लंबे समय से साथ काम करते रहे हैं।
लेबनान में इजराइली सैन्य अभियान लगातार जारी है। दक्षिणी क्षेत्रों में कई हवाई हमले किए गए हैं, जबकि हिजबुल्लाह की ओर से भी जवाबी ड्रोन और मिसाइल हमलों की खबरें सामने आई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि संघर्ष लंबा खिंचने पर ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों को भी नुकसान पहुंच सकता है।
उधर गाजा स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में तीन लोगों की मौत हुई है और दर्जनों लोग घायल हुए हैं। कई इलाकों में राहत एवं बचाव कार्य अब भी प्रभावित हैं।
मध्य पूर्व में बढ़ते सैन्य तनाव का असर वैश्विक तेल बाजार पर भी दिखाई दे रहा है। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी दर्ज की गई है और निवेशक क्षेत्रीय हालात पर नजर बनाए हुए हैं। विश्लेषकों का मानना है कि यदि खाड़ी क्षेत्र में समुद्री मार्गों पर संकट बढ़ता है तो ऊर्जा बाजार में और अस्थिरता देखने को मिल सकती है।
ईरान, अमेरिका, इजराइल और खाड़ी देशों के बीच बढ़ते तनाव ने पूरे क्षेत्र को संवेदनशील मोड़ पर ला खड़ा किया है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय लगातार कूटनीतिक समाधान की अपील कर रहा है ताकि संघर्ष को और फैलने से रोका जा सके।