

संयुक्त राष्ट्र : भारत ने वैश्विक सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT) सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा है कि वह संयुक्त राष्ट्र के ग्लोबल ICT सिक्योरिटी पोर्टल के संचालन के लिए पूरा वित्तीय सहयोग प्रदान करेगा। इस पहल का उद्देश्य विकसित और विकासशील देशों के बीच साइबर सुरक्षा क्षमता की खाई को पाटना और वैश्विक स्तर पर सहयोग को मजबूत बनाना है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत पर्वतनेनी हरीश ने अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के संदर्भ में ICT पर वैश्विक तंत्र की पूर्ण बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि डिजिटल तकनीक के वास्तविक लाभ तभी मिल सकते हैं, जब उसके साथ मजबूत साइबर सुरक्षा और उभरते खतरों से निपटने की क्षमता भी विकसित की जाए। उन्होंने बताया कि ग्लोबल ICT सिक्योरिटी कोऑपरेशन एंड कैपेसिटी-बिल्डिंग पोर्टल का प्रस्ताव सबसे पहले भारत ने वर्ष 2022 में रखा था। वर्षों की चर्चा और सहमति के बाद अब इस परियोजना को लागू किया जा रहा है और भारत इसके संचालन का पूरा खर्च उठाएगा।राजदूत हरीश ने कहा कि भारत के सहयोग से इस पोर्टल की तकनीकी स्थापना और रखरखाव किया जाएगा। इस पोर्टल में साइबर सुरक्षा से जुड़े संसाधनों का भंडार, क्षमता निर्माण का कैलेंडर, देशों की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण और अवसरों की सूची तथा एक इंटरैक्टिव चर्चा मंच उपलब्ध होगा। उन्होंने कहा कि यदि इस पोर्टल को केवल दस्तावेजों का संग्रह न मानकर एक सक्रिय और उपयोगी मंच के रूप में विकसित किया जाए, तो यह विकसित और विकासशील देशों के बीच ICT सुरक्षा क्षमता के अंतर को कम करने में अहम भूमिका निभा सकता है। भारत ने इस दौरान संयुक्त राष्ट्र के अंतर्गत साइबर क्षमता निर्माण के लिए समर्पित विषयगत समूह के गठन का भी स्वागत किया और इसे वैश्विक साइबर सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया।