संगीत शिक्षा में भारत–रूस की ऐतिहासिक साझेदारी

पाश्चात्य संगीत शिक्षा को मिलेगी नयी दिशा
संगीत शिक्षा में भारत–रूस की ऐतिहासिक साझेदारी
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प्रसेनजीत, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : महानगर के रूस भवन में भारत की म्यूजिसिया कला एवं संस्कृति परिषद' (Musicea Arts and Culture Council) और रूस के संस्कृति मंत्रालय के अधीन सारातोव राज्य एल. वी. सोबिनोव संगीत महाविद्यालय (Saratov State L.V. Sobinov Conservatoire) के बीच ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये गये। यह भारत में पाश्चात्य संगीत शिक्षा के क्षेत्र में एक नई दिशा की शुरुआत मानी जा रही है।

इस पहल का नेतृत्व परिषद के निदेशक माएस्ट्रो सुरेंद्रनाथ मजुमदार ने किया, जिनका उद्देश्य भारत में अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप व्यवस्थित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण संगीत शिक्षा व्यवस्था विकसित करना है। समारोह में रूस की उप महावाणिज्यदूत एकातेरिना पी. तियूरीना तथा सारातोव कंजरवेटरी के वरिष्ठ शिक्षाविद उपस्थित रहे।

इस समझौते से भारतीय विद्यार्थियों और शिक्षकों को अंतरराष्ट्रीय मान्यता, उच्च अध्ययन के अवसर, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और आधुनिक मूल्यांकन प्रणाली से जुड़ने का लाभ मिलेगा। उसी दिन कोलकाता के रोटरी सदन में विशेष संगीत समारोह आयोजित हुआ, जिसमें भारतीय और पाश्चात्य शास्त्रीय संगीतों की प्रस्तुति दी गई। यह आयोजन भारत की सांस्कृतिक विरासत और वैश्विक संगीत परंपरा के सुंदर संगम का प्रतीक बना।

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