पश्चिम एशिया संकट : सरकार ने कहा- देश में उर्वरक और ईंधन का पर्याप्त भंडार

केंद्रीय मंत्रालयों ने दी सरकार की तैयारी के बारे में जानकारी
पश्चिम एशिया संकट : सरकार ने कहा- देश में उर्वरक और ईंधन का पर्याप्त भंडार
Published on

नई दिल्ली, अजीत तिवारी : केंद्र सरकार ने सोमवार को पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच राष्ट्रीय मीडिया सेंटर में आयोजित एक अंतर-मंत्रालयी संवाददाता सम्मेलन में देश में उर्वरक, पेट्रोलियम उत्पाद, एलपीजी और समुद्री आपूर्ति की स्थिति की जानकारी दी। सरकार की तरफ से जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार देश में किसी भी जरूरी वस्तु की कमी नहीं होने का दावा किया गया और आम जनता से घबराहट में खरीदारी नहीं करने की भी अपील की गई। संवाददाता सम्मेलन में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा, रसायन और उर्वरक मंत्रालय की अर्पणा एस. शर्मा, पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल और विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचव असीम आर. महाजन ने देश में ईंधन की उपलब्धता, देश में उर्वरकों की उपलब्धता और स्टॉक की स्थिति, समुद्री संचालन और प्रमुख क्षेत्रों में स्थिरता बनाए रखने के लिए उठाए जा रहे उपायों के बारे में अद्यतन जानकारी प्रदान की।

रसायन और उर्वरक मंत्रालय के अनुसार, खरीफ सीजन 2026 के लिए देश में उर्वरकों का पर्याप्त भंडार मौजूद है। अभी करीब 200 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा उर्वरक स्टॉक में उपलब्ध है, जो सामान्य स्तर से काफी अधिक है। सरकार ने स्पष्ट किया कि डीएपी, यूरिया और अन्य प्रमुख उर्वरकों के दाम नहीं बढ़ाए गए हैं।

मंत्रालय ने बताया कि मई और जून महीने में भारतीय बंदरगाहों पर लगभग 13.5 लाख मीट्रिक टन डीएपी और 7 लाख मीट्रिक टन एनपीके उर्वरक पहुंचने वाले हैं। इसके अलावा, उर्वरकों की कमी न हो इसके लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार से अतिरिक्त खरीद की प्रक्रिया भी जारी है।

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कहा कि देश में पेट्रोल, डीजल, एलपीजी, पीएनजी और सीएनजी की पर्याप्त उपलब्धता है। सरकार ने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और जरूरत से ज्यादा ईंधन या गैस सिलेंडर जमा न करें।

मंत्रालय के मुताबिक, ऑनलाइन एलपीजी सिलेंडर बुकिंग में एक दिन में लगभग 99 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। पिछले चार दिनों में करीब 1.72 करोड़ एलपीजी सिलेंडर वितरित किए गए। इसी दौरान लगभग 1.90 लाख छोटे पांच किलोग्राम वाले एफटीएल सिलेंडर भी बेचे गए, ताकि जरूरतमंद लोगों को आसानी से गैस मिल सके।

मंत्रालय ने बताया कि एलपीजी की कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए देशभर में अभियान चलाया जा रहा है। पिछले चार दिनों में 6950 से ज्यादा छापे मारे गए हैं। कई गैस एजेंसियों पर कार्रवाई भी की गई है।

मंत्रालय ने कहा कि देश में पीएनजी नेटवर्क को तेजी से बढ़ाया जा रहा है। मार्च 2026 से अब तक करीब 7.37 लाख पीएनजी कनेक्शन चालू किए जा चुके हैं। इसके अलावा लाखों नए उपभोक्ताओं ने पीएनजी कनेक्शन के लिए आवेदन किया है।

कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच सरकार ने लोगों को राहत देने के लिए पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में 10 रुपये प्रति लीटर की कटौती करने का फैसला किया है। सरकार का कहना है कि इससे आम लोगों पर महंगाई का बोझ कम होगा।

समुद्री स्थिति को लेकर पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने कहा कि भारतीय बंदरगाहों पर काम सामान्य रूप से जारी है। भारत के लिए एलपीजी लेकर आने वाला एक जहाज सुरक्षित रूप से कांडला बंदरगाह पहुंच चुका है। सरकार ने बताया कि क्षेत्र में भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और अब तक 3,217 से ज्यादा नाविकों की सुरक्षित वापसी कराई जा चुकी है।

विदेश मंत्रालय ने कहा कि खाड़ी देशों और पश्चिम एशिया में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। भारतीय दूतावास लगातार लोगों की मदद कर रहे हैं। यूएई, सऊदी अरब, ओमान, कुवैत और बहरीन से भारत के लिए उड़ानें सामान्य रूप से जारी हैं।

logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in