भारत ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में बाधाओं की आलोचना की

जयशंकर ने अटलांटा में जी20 विदेश मंत्रियों की बैठक में रखी बात
India has criticized disruptions in global energy supplies
बैठक में शामिल विदेश मंत्री एस जयशंकर
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वाशिंगटन : विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने प्रतिबंधों और समुद्री मार्गों पर अवरोधों के जरिये वैश्विक तेल आपूर्ति में रुकावट डालने पर कड़ी असहमति जताते हुए कहा कि ऊर्जा व्यापार और बुनियादी ढांचे पर जानबूझकर किए जाने वाले हमले ऊर्जा की कीमतों को अपने नियंत्रण में रखने की सोची-समझी रणनीति है। जयशंकर ने यह टिप्पणी अटलांटा में जी20 विदेश मंत्रियों की बैठक में की। यह बैठक ऐसे समय हुई है, जब अमेरिका ने ईरानी तेल की बिक्री पर प्रतिबंध लगा रखे हैं, पश्चिम एशिया से ऊर्जा आपूर्ति बाधित है और रूस के डीजल की बिक्री पर प्रतिबंध हटाने का फैसला किया गया है। जयशंकर ने कहा कि दुनिया ऊर्जा संकट का सामना कर रही है, लेकिन यह संकट उत्पादन की कमी का नहीं, बल्कि अनिश्चितता और आपूर्ति में बाधा, वहन न कर सकने वाली कीमतों और ऊर्जा तक पहुंच की चुनौतियों का है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि उन्होंने बैठक में इस बात पर जोर दिया कि ऊर्जा व्यापार और बुनियादी ढांचे पर जानबूझकर किए जाने वाले हमले ऊर्जा की कीमतों को अपने नियंत्रण में रखने की सोची-समझी रणनीति है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की ओर से बुलाई गई बैठक में उन्होंने कहा, ‘‘जी20 को ऊर्जा बाजारों को खुला और स्थिर बनाए रखने के लिए समझदारी और नेतृत्व, दोनों का परिचय देना चाहिए।''  

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