केरल, तमिलनाडु समेत छह राज्यों में पहली में दाखिले के लिए उम्र छह साल निर्धारित नहीं

केंद्र ने वर्ष 2023 में देशभर में एनईपी 2020 के तहत पहली कक्षा के लिए एक समान आयु सीमा छह वर्ष तय की थी
केरल, तमिलनाडु समेत छह राज्यों में पहली में दाखिले के लिए उम्र छह साल निर्धारित नहीं
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सर्जना शर्मा

नयी दिल्ली : केंद्र सरकार ने वर्ष 2023 में पहली कक्षा में दाखिले के लिए बच्चे की आयु छह साल निर्धारित की है। सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति(एनईपी)2020 और बच्चों को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा के अधिकार (आरटीई) अधिनियम 2009 के तहत पहली कक्षा में दाखिले के लिए आयु सीमा छह साल निर्धारित की थी। इससे पहले, यह आयु सीमा सीमा पांच वर्ष थी। आयु निर्धारित करने का मकसद, देशभर में पहली कक्षा में एक समान आयु वर्ग से छात्रों को दाखिला दिलाना था।

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के निर्देश का अधिकतर राज्यों ने पालन कर लिया है। लेकिन केरल, तमिलनाडु, तेलंगाना, पुडुचेरी, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ने अभी तक पहली कक्षा में दाखिले के लिए छह साल की आयु सीमा निर्धारित नहीं की है। यह राज्य अभी भी पहली कक्षा में दाखिले के लिए अलग-अलग आयु मानदंड का पालन करते हैं।

दरअसल, एनईपी 2020 के तहत शिक्षा को पांच, तीन, तीन और चार संरचना में विभाजित किया गया है। इसमें मूलभूत चरण में तीन वर्ष की पूर्व -विद्यालय शिक्षा और उसके बाद दो वर्ष की प्राथमिक शिक्षा शामिल है।

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