एआई की रफ्तार धीमी नहीं होने पर सुरक्षा उपाय छूट जाएगी पीछे

एआई को लेकर एआई जगत के अंदर और बाहर दोनों जगह चिंताएं बढ़ रही
If the pace of AI does not slow down, safety measures will lag behind
एआई (प्रतिकात्मक चित्र)
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न्यूयॉर्क : एआई को लेकर एआई जगत के अंदर और बाहर दोनों जगह चिंताएं बढ़ रही हैं। लगातार ऐसी रिपोर्ट सामने आ रही हैं कि ये प्रणाली बेहद शक्तिशाली हो रही है और जटिल कामों को इंसानों से बेहतर तरीकों से अंजाम दे रही है लेकिन साथ ही यह डर भी बढ़ रहा है कि ये प्रणाली नियंत्रण से बाहर होकर नुकसानदायक काम कर सकती है। एआई से जुड़ी कंपनी एंथ्रोपिक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) डारियो अमोदेई ने कहा है कि एआई उद्योग को तेजी से हो रहे इसके विकास की रफ्तार कुछ धीमी करनी चाहिए ताकि सुरक्षा उपायों को उसके अनुरूप विकसित होने के लिए पर्याप्त समय मिल सके। अमोदेई ने चेतावनी दी कि अगर एआई के विकास की रफ्तार कम नहीं की गई, तो अगले छह से 12 महीनों के भीतर एआई इतना सक्षम हो सकता है कि वह पूरे इंटरनेट पर अप्रत्यक्ष तौर पर कब्जा कर सकता है। वहीं एआई को लेकर चिंता इतनी बढ़ गई है कि चैट जीपीटी बनाने वाली कंपनी ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने भी कहा कि उनकी कंपनी इस साल शेयर बाजार में अपना आपीओ नहीं लाएगी। कंपनी का कहना है कि फिलहाल उसका ध्यान सुरक्षा और एआई को मानव हितों के अनुरूप रखने पर है। एआई उद्योग को सुरक्षा कारणों से विकास धीमा करने की सलाह कई वर्षों से दी जाती रही है लेकिन अब यह दबाव और बढ़ गया है, क्योंकि एआई कंपनियों के कुछ कर्मचारियों ने इस्तीफा दिया है और सार्वजनिक रूप से आरोप लगाया है कि उनकी कंपनियां पर्याप्त जिम्मेदारी से काम नहीं कर रही हैं। एंथ्रोपिक के पूर्व कर्मचारी जो बेंटन ने अपने इस्तीफे की घोषणा करते हुए लिखा कि एआई कंपनियों में सुरक्षा पर काम करने वाले कई लोग ऐसे हैं जो दुनिया के लिए सही काम करना चाहते हैं।

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