Bangkok
IMF प्रमुख की कड़ी चेतावनी

'रेसिंग कार पटरी से उतरी तो जान ले लेगी'

AI के जोखिमों से निपटने के उपायों पर IMF प्रमुख की कड़ी चेतावनी
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बैंकॉक : अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने शुक्रवार को कहा कि कृत्रिम मेधा (AI) के तेजी से बढ़ते उपयोग से जुड़े संभावित जोखिमों को नियंत्रित करने के लिए तत्काल सुरक्षा उपायों की जरूरत है। जॉर्जीवा ने AI प्रौद्योगिकी की तुलना फॉर्मूला-1 रेसिंग कार से करते हुए कहा कि अगर यह नियंत्रण से बाहर हो जाए, तो लोगों को नुकसान पहुंचा सकती है। उन्होंने कहा, ‘सवाल यह है कि हम अवरोधक कैसे लगाएं, ताकि अगर कार पटरी से उतर जाए तो लोगों की जान न जाए।’

नुकसान हुआ तो फायदा ही क्या

IMF प्रमुख ने विश्व अर्थव्यवस्था पर AI के प्रभाव को लेकर आयोजित एक परिचर्चा में कहा कि AI उद्योग मानवता के लिए बेहद महत्वपूर्ण काम कर रहा है और इससे दुनिया को बड़ा लाभ मिल सकता है। हालांकि, अगर इस प्रौद्योगिकी से लोगों को नुकसान पहुंचता है, तो उसका लाभ उतना सार्थक नहीं रह जाएगा। जॉर्जीवा ने कहा कि रोजगार पर AI का असर अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। उन्होंने IMF के एक अध्ययन का हवाला देते हुए कहा कि करीब 10 प्रतिशत नौकरियों में बदलाव हो सकता है या नई नौकरियां सृजित हो सकती हैं, जबकि बार-बार दोहराए जाने वाले कामों से जुड़ी नौकरियां खत्म हो सकती हैं। AI में निवेश से लाभ पाने वाले लोगों की वजह से सेवा क्षेत्र में भी रोजगार पैदा होंगे। उन्होंने कहा, ‘कुल मिलाकर AI का असर सकारात्मक रहने की उम्मीद है, लेकिन सेवा क्षेत्र की नौकरियों में वेतन बहुत अधिक नहीं होता।’

नौकरियों पर चिंता

जताई

जॉर्जीवा ने चिंता जताई कि जिन युवाओं को पेशेवर क्षेत्र में नियमित काम मिलने की उम्मीद थी, उन्हें कॉफी परोसने जैसी नौकरियां करनी पड़ सकती हैं, जो उनकी आकांक्षाओं के अनुरूप नहीं हैं। इस परिचर्चा में AI कंपनी एंथ्रोपिक के सह-संस्थापक और नीति प्रमुख जैक क्लार्क सहित अन्य विशेषज्ञों ने भी हिस्सा लिया। क्लार्क ने कहा कि AI के नियमन के लिए नीतिगत कदम उठाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि उन्नत AI प्रणालियों का विकास इतनी तेजी से हो रहा है कि मनुष्यों के इस प्रौद्योगिकी पर नियंत्रण खोने का जोखिम है। उन्होंने कहा कि AI के नियमन से जुड़े फैसले केवल कंपनियों पर नहीं छोड़े जा सकते और इस मामले में लापरवाही से अव्यवस्था पैदा हो सकती है। परिचर्चा में शामिल कनाडा के केंद्रीय बैंक के गवर्नर टिफ मैक्लेम ने AI से रोजगार पर पड़ने वाले असर की तुलना अंतरराष्ट्रीय व्यापार के विस्तार से की। उन्होंने कहा कि व्यापार बढ़ने से वैश्विक स्तर पर संपत्ति बढ़ी और लाखों लोग गरीबी से बाहर आए, लेकिन चीन और अन्य विकासशील देशों में विनिर्माण गतिविधियां जाने से कई लोगों की आजीविका भी प्रभावित हुई। मैक्लेम ने कहा कि कुल मिलाकर व्यापार से लाभ हुआ है, लेकिन इसमें कुछ लोगों को फायदा हुआ और कुछ को नुकसान उठाना पड़ा। उन्होंने कहा कि प्रभावित लोगों की मदद के लिए व्यवस्था जरूरी है, अन्यथा इसके खिलाफ असंतोष बढ़ सकता है।
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