यमन के मोखा बंदरगाह पर हूतियों का कब्जा

वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर बढ़ा खतरा, ट्रंप ने कहा मध्यावधि चुनाव के बाद युद्ध होगा समाप्त
Houthis capture Yemen's Mocha port
हथियार के साथ हूती विद्रोही
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काहिरा/वॉशिंगटन/दुबई : ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने गुरुवार को यमन के रणनीतिक बंदरगाह शहर मोखा पर कब्जा कर लिया। सैन्य सूत्रों ने यह जानकारी दी। हूतियों की इस कार्रवाई से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर खतरा और बढ़ गया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कुछ घंटे पहले कहा था कि उन्हें उम्मीद है कि युद्ध मध्यावधि चुनाव के बाद समाप्त हो जाएगा। यमन सरकार के चार सैन्य सूत्रों के अनुसार, हूतियों ने बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य पर अपनी पकड़ और मजबूत कर ली है। लाल सागर के दक्षिणी छोर पर स्थित यह जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल है। हूती रणनीतिक हनिश द्वीपों पर भी हमले कर रहे हैं। हूतियों ने 28 मार्च को इजराइल पर हमले के साथ ईरान के साथ मौजूदा युद्ध में प्रवेश किया था। हालांकि, जुलाई में सऊदी अरब के खिलाफ नौसैनिक नाकाबंदी की घोषणा करने तक वे बड़े पैमाने पर शांत रहे। सितंबर में उन्होंने सऊदी अरब के दक्षिणी हिस्सों पर हमले तेज कर दिए।

हार्मुज बंद होने से बढ़ी लाल सागर की अहमियत

दुनिया के सबसे बड़े तेल निर्यातक सऊदी अरब ने लाल सागर के समुद्री मार्ग पर अपनी निर्भरता बढ़ाई है, क्योंकि ईरान संघर्ष के चलते होर्मुज जलडमरूमध्य प्रभावी रूप से बंद हो गया है। इसी मार्ग से दुनिया की करीब पांचवीं हिस्से की तेल आपूर्ति गुजरती थी। चीन की मध्यस्थता से सऊदी अरब और ईरान के रिश्तों में सुधार के बावजूद दोनों देश लंबे समय से क्षेत्रीय प्रतिद्वंद्वी रहे हैं और एक-दूसरे पर गहरा अविश्वास करते हैं। हूतियों के हमलों के बीच सऊदी नागरिक सुरक्षा अधिकारियों ने दक्षिण-पश्चिमी शहर खमीस मुशैत में 24 घंटे के भीतर चौथी बार आपात चेतावनी जारी की।

ईरान हूतियों को नियंत्रित नहीं करता

इस बीच, संकट को और बढ़ने से रोकने के प्रयास में पाकिस्तान ने ईरान से उसके यमनी हूती सहयोगियों पर लगाम लगाने को कहा है। सऊदी, पाकिस्तानी और ईरानी सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान ने ईरान तक सऊदी अरब की यह चेतावनी पहुंचाई है। इसके जवाब में ईरान ने कहा कि “ईरान हूतियों को नियंत्रित नहीं करता।” यमन में सऊदी समर्थित अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार और हूतियों के बीच संघर्ष ऐसे समय तेज हुआ है, जब ईरान और अमेरिका ने फरवरी में युद्ध शुरू होने के बाद खाड़ी क्षेत्र में समुद्री जहाजों को लेकर अब तक के सबसे बड़े घोषित जवाबी हमलों को अंजाम दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने एक बार फिर ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े एक ठिकाने पर हमला करने की धमकी दी है।

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