

सन्मार्ग संवाददाता
श्री विजयपुरम :उत्तर एवं मध्य अंडमान जिला पुलिस यौन अपराधों में शामिल आरोपियों के विरुद्ध त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई करते हुए न्याय सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता पर लगातार कार्य कर रही है। 10 जून को दिए गए एक महत्वपूर्ण निर्णय में मायाबंदर स्थित उत्तर एवं मध्य अंडमान के विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) ने पॉक्सो अधिनियम, 2012 की धारा 6 के तहत दोषी पाए गए आरोपी को 20 वर्ष के कठोर कारावास तथा जुर्माने की सजा सुनाई है। इसके अतिरिक्त भारतीय दंड संहिता की धारा 506 के तहत अपराध के लिए आरोपी को 7 वर्ष के कठोर कारावास और जुर्माने से भी दंडित किया गया है। यह मामला पॉक्सो अधिनियम, 2012 के अंतर्गत थाना डिगलीपुर में दर्ज अपराध संख्या 49/2023 से संबंधित था। मामला एक नाबालिग पीड़िता के साथ उसके पड़ोसी द्वारा किए गए यौन उत्पीड़न से जुड़ा था। शिकायत प्राप्त होते ही थाना डिगलीपुर में मामला दर्ज किया गया और जांच की जिम्मेदारी तत्कालीन थाना प्रभारी निरीक्षक विकास सिंह की निगरानी में उप निरीक्षक दीप्ति मिंज को सौंपी गई। जांच अधिकारी ने अत्यंत पेशेवर तरीके से साक्ष्यों का संग्रहण किया तथा मामले की गहन और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की। उनकी मेहनत और सटीक जांच के परिणामस्वरूप न्यायालय के समक्ष आरोप सिद्ध करने में सफलता मिली, जिससे आरोपी को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई गई। यह सजा उत्तर एवं मध्य अंडमान जिला पुलिस की पेशेवर जांच और प्रभावी अभियोजन के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। साथ ही यह आपराधिक न्याय प्रणाली में आम जनता के विश्वास को और अधिक मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।