

सन्मार्ग संवाददाता
श्री विजयपुरम : निकोबार जिले तथा निकोबारी जनजातीय समुदाय के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में, कार निकोबार के तापोइमिंग गांव की शांता सिंट्रिक निकोबारी जनजातीय समुदाय की पहली कलाकार तथा निकोबार जिले की पहली ऐसी हस्ती बन गई हैं, जिन्हें भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के अंतर्गत नई दिल्ली स्थित संगीत नाटक अकादमी द्वारा प्रदान किया जाने वाला प्रतिष्ठित उस्ताद बिस्मिल्लाह खां युवा पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।
उस्ताद बिस्मिल्लाह खां युवा पुरस्कार संगीत नाटक अकादमी द्वारा स्थापित देश के सबसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मानों में से एक है। यह पुरस्कार संगीत, नृत्य, रंगमंच, लोक एवं जनजातीय कला, कठपुतली कला तथा अन्य प्रदर्शन कलाओं के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले युवा कलाकारों को सम्मानित करने के उद्देश्य से प्रदान किया जाता है। महान शहनाई वादक एवं भारत रत्न से सम्मानित उस्ताद बिस्मिल्लाह खां के नाम पर स्थापित यह पुरस्कार उन युवा कलाकारों को प्रोत्साहित करने और सम्मानित करने के लिए दिया जाता है, जिन्होंने भारत की समृद्ध एवं विविध सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण, संवर्धन तथा प्रचार-प्रसार में असाधारण प्रतिभा, समर्पण और उल्लेखनीय योगदान दिया हो।
इस पुरस्कार के अंतर्गत सम्मान-पत्र, अंगवस्त्रम तथा नकद पुरस्कार प्रदान किया जाता है। यह सम्मान संगीत नाटक अकादमी के अध्यक्ष द्वारा आयोजित विशेष राष्ट्रीय समारोह में प्रदान किया जाता है। संगीत नाटक अकादमी ने वर्ष 2025 के लिए इस पुरस्कार की घोषणा लोक नृत्य (अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह) श्रेणी में की है। यह सम्मान शांता सिंट्रिक को पारंपरिक निकोबारी लोक नृत्य के संरक्षण, संवर्धन तथा व्यापक प्रचार-प्रसार में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रदान किया जा रहा है। यह ऐतिहासिक सम्मान निकोबारी जनजातीय समुदाय के सांस्कृतिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण और गौरवपूर्ण अध्याय के रूप में दर्ज होगा। पहली बार निकोबार जिले की किसी पारंपरिक लोक कलाकार को भारत की सर्वोच्च सांस्कृतिक संस्था द्वारा राष्ट्रीय स्तर के प्रदर्शन कला सम्मान से सम्मानित किया जा रहा है। इससे निकोबारी समुदाय की समृद्ध स्वदेशी सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान और सम्मान प्राप्त हुआ है।
शांता सिंट्रिक वर्ष 2006 से निरंतर निकोबारी लोक नृत्य का प्रदर्शन करती आ रही हैं। उन्होंने देश के विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों पर निकोबारी समुदाय की विशिष्ट सांस्कृतिक परंपराओं का प्रतिनिधित्व किया है। एक समर्पित कलाकार एवं नृत्य दल की नेतृत्वकर्ता के रूप में उन्होंने निकोबारी सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण और उन्हें नई पीढ़ी तक पहुंचाने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके प्रयासों के कारण निकोबारी लोक नृत्य को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है तथा युवा पीढ़ी में भी अपनी सांस्कृतिक विरासत के प्रति जागरूकता और गर्व की भावना विकसित हुई है। निकोबार जिला प्रशासन ने इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर शांता सिंट्रिक को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। प्रशासन ने कहा कि उनकी यह सफलता केवल निकोबार जिले ही नहीं बल्कि पूरे अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के लिए अत्यंत गर्व का विषय है।