

यरुशलम : इजराइल के राष्ट्रपति इसाक हर्जोग ने भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मछार को नागरिक वीरता के लिए राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित करने के लिए इजराइल आमंत्रित किया है। मछार 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में सह-पायलट की कथित अपहरण की कोशिश को नाकाम करने के दौरान घायल हो गए थे। विमान में 174 यात्री और चालक दल के छह सदस्य सवार थे। घटना के बाद विमान को सऊदी अरब के ताबुक की ओर मोड़ दिया गया था। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद मछार ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की, जिससे यात्रियों और चालक दल के सदस्यों ने सह-पायलट को काबू कर लिया। बाद में सभी यात्री सुरक्षित इजराइल पहुंच गए। राष्ट्रपति कार्यालय के बयान के अनुसार, हर्जोग ने कहा कि मछार के स्वस्थ होने पर उन्हें इजराइल की ओर से नागरिक वीरता पुरस्कार प्रदान करना उनके लिए सम्मान की बात होगी। चार अक्टूबर को लिखे पत्र में उन्होंने पायलट के साहस और सूझबूझ की सराहना करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से बड़ी दुर्घटना टल गई। उन्होंने भारत और इजराइल के ऐतिहासिक संबंधों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मछार का साहस दोनों देशों के बीच मित्रता और संबंधों को और मजबूत करेगा। राष्ट्रपति कार्यालय के अनुसार, मछार को अस्पताल में इलाज के दौरान यह पत्र मिला। इजराइल के प्रमुख राजमार्गों और सार्वजनिक स्थानों पर उनके साहस की सराहना करते हुए पोस्टर भी लगाए गए हैं। भारतीय छात्रों ने बताया कि कुछ विश्वविद्यालयों की कैंटीन में उन्हें छूट दी गई और उनके साथ विशेष आत्मीयता से व्यवहार किया गया।