

चंडीगढ़ : भाजपा के संजय भाटिया और कांग्रेस के करमवीर सिंह बौद्ध को हरियाणा से राज्यसभा के लिए निर्वाचित घोषित किया गया। अधिकारियों के अनुसार प्रतिष्ठा का सवाल बनी इन दोनों सीटों के लिए मतगणना गोपनीयता के उल्लंघन के आरोपों के कारण दोनों दलों के बीच विवाद के कारण आधी रात के बाद तक हुई। अधिकारियों ने बताया कि पांच वोट अमान्य घोषित किये गये जिनमें चार कांग्रेस के और एक भाजपा का है।
भाजपा के भाटिया (58) करनाल से पूर्व लोकसभा सदस्य हैं वहीं बौद्ध (61) हरियाणा सरकार के सेवानिवृत्त कर्मचारी और एक प्रमुख दलित कार्यकर्ता हैं जो वर्तमान में कांग्रेस के राष्ट्रीय अनुसूचित जाति विभाग के समन्वयक के रूप में सेवा दे रहे हैं। इंडियन नेशनल लोक दल (इनेलो) के दो विधायकों ने मतदान नहीं किया जिससे 90 सदस्यीय हरियाणा विधानसभा में वैध मतों की संख्या घटकर 88 रह गयी।
इनेलो नेता अभय सिंह चौटाला और आदित्य देवी लाल ने कहा कि पार्टी ने जनता की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए मतदान से दूर रहने का फैसला किया। भाटिया ने पहली सीट पर आसानी से जीत हासिल की, उन्हें 39 प्रथम वरीयता वोट मिले। दूसरी सीट के लिए हुए मुकाबले में बौद्ध को 28 वोट मिले जबकि निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल (63) को 16 वोट मिले। सूत्रों के अनुसार कांग्रेस के पांच विधायकों ने कथित तौर पर ‘क्रॉस-वोटिंग’ की और अगर एक और कांग्रेस विधायक निर्दलीय उम्मीदवार के पक्ष में ‘क्रॉस-वोटिंग’ करता तो नांदल भाटिया के 11 द्वितीय वरीयता वोट हासिल कर 28 तक पहुंच सकते थे।