अंडमान की समृद्ध अभिलेखीय धरोहर को संरक्षित करने के लिए ‘ज्ञान भारतम् मिशन’ शुरू

‘ज्ञान भारतम् मिशन’ के तहत पांडुलिपियों का संरक्षण
अंडमान की समृद्ध अभिलेखीय धरोहर को संरक्षित करने के लिए ‘ज्ञान भारतम् मिशन’ शुरू
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तीनों जिलों में होगी ऐतिहासिक दस्तावेजों की पहचान

सन्मार्ग संवाददाता

श्री विजयपुरम : भारत सरकार ने संस्कृति मंत्रालय के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में ‘ज्ञान भारतम् मिशन’ शुरू किया है, जिसका उद्देश्य देशभर के शैक्षणिक संस्थानों, संग्रहालयों, पुस्तकालयों और निजी संग्रहों में मौजूद पांडुलिपियों का सर्वेक्षण, दस्तावेजीकरण, संरक्षण, डिजिटलीकरण और उन्हें सुलभ बनाना है। युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़ने और प्राचीन ज्ञान को वर्तमान तथा भावी पीढ़ियों तक पहुंचाने के उद्देश्य से अंडमान एवं निकोबार प्रशासन के कला एवं संस्कृति विभाग ने भी केंद्रशासित प्रदेश स्तर पर एक अभियान शुरू किया है, जिसके तहत तीनों जिलों में पुरानी पांडुलिपियों की पहचान, दस्तावेजीकरण और संरक्षण किया जाएगा। इस पहल के तहत निवासियों को ऐतिहासिक दस्तावेज, मानचित्र और पुराने फोटोग्राफ कला एवं संस्कृति विभाग को उपलब्ध कराने के लिए प्रोत्साहित किया गया है, ताकि उन्हें ज्ञान भारतम् सर्वे ऐप पर अपलोड किया जा सके। कला एवं संस्कृति विभाग ने आम जनता, संस्थानों, विद्वानों और संग्राहकों से अपील की है कि वे ऐतिहासिक महत्व की पांडुलिपियों और अभिलेखीय सामग्री को साझा करें, उनके बारे में जानकारी दें तथा दुर्लभ अभिलेखों की पहचान और दस्तावेजीकरण में सहयोग करें। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि इन सामग्रियों के संरक्षण और डिजिटलीकरण के लिए आवश्यक विशेषज्ञता प्रदान की जाएगी और मूल स्वामित्व यथावत रहेगा, जबकि केवल डिजिटल प्रतियां संग्रहित की जाएंगी।

इच्छुक व्यक्ति सेल्युलर जेल परिसर स्थित कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं या दिए गए दूरभाष एवं ईमेल के माध्यम से जानकारी साझा कर सकते हैं। यह पहल द्वीपों की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

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