

अंजलि भाटिया
नई दिल्ली : कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने पटना में नीट की तैयारी कर रही छात्रा आकांक्षा के दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में भाजपा सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। दोनों नेताओं ने आरोप लगाया कि इस मामले में सरकार का रवैया शुरू से ही संदिग्ध रहा है और जब सांसद पप्पू यादव ने न्याय की आवाज उठाई तो उनके साथ असंवेदनशील व्यवहार किया गया।
प्रियंका गांधी ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि पटना के एक हॉस्टल में छात्रा के साथ दुष्कर्म और हत्या की घटना बेहद झकझोर देने वाली है। उन्होंने आरोप लगाया कि केस सामने आने के बाद सरकार का रवैया और भी डरावना है। प्राथमिकी दर्ज होने से लेकर जांच और कार्रवाई तक सब कुछ संदेह के घेरे में है। उन्होंने पूछा कि यह सब किसे बचाने के लिए किया जा रहा है।
प्रियंका ने कहा कि हाथरस, उन्नाव, अंकिता भंडारी और अब पटना जैसे मामलों में भाजपा की सरकारें पीड़िताओं को न्याय दिलाने के बजाय आरोपियों के साथ खड़ी नजर आती हैं। उन्होंने सांसद पप्पू यादव की गिरफ्तारी को भी इसी असंवेदनशील रवैये का हिस्सा बताया।
राहुल गांधी ने कहा कि आकांक्षा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत और उसके बाद की कार्रवाई ने सिस्टम की सच्चाई उजागर कर दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि पीड़ित परिवार जब निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग करता है तो भाजपा-एनडीए का वही पुराना तरीका सामने आता है—केस को भटकाना, परिजनों को परेशान करना और अपराधियों को संरक्षण देना।
राहुल ने कहा कि सांसद पप्पू यादव मजबूती से पीड़ित परिवार के साथ खड़े हुए, लेकिन उनकी गिरफ्तारी राजनीतिक प्रतिशोध है ताकि न्याय की मांग करने वाली आवाजों को दबाया जा सके।
उन्होंने यह भी कहा कि यह घटना सिर्फ एक मामला नहीं, बल्कि एक खतरनाक पैटर्न की ओर इशारा करती है, जहां लगातार बेटियां शिकार बन रही हैं और सत्ता आंखें मूंदे बैठी है। राहुल ने कहा, “यह राजनीति नहीं, इंसाफ का सवाल है। यह बिहार की बेटी की सुरक्षा और सम्मान का सवाल है।