

आइजोल : मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने राज्य को भारत की ‘सिल्क कैपिटल’ और ‘विंटर कैपिटल’ के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने सेरछिप जिले में आयोजित समीक्षा बैठक में राज्य की आर्थिक और विकास संबंधी योजनाओं की जानकारी दी। सेरछिप स्थित उपायुक्त कार्यालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में अधिकारियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मिजोरम को पहले ही ‘भारत की अदरक राजधानी’ के रूप में पहचान मिल चुकी है। अब राज्य की अर्थव्यवस्था को विविधता देने के लिए रेशम उत्पादन और शीतकालीन पर्यटन की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। इसके अलावा सरकार ‘सीएम ब्लू मिशन’ शुरू करने और मिजोरम को डिजिटल रूप से उन्नत राज्य बनाने की दिशा में काम कर रही है। लालदुहोमा ने कहा कि राज्य सरकार का ‘ट्रांसफॉर्म्ड मिजोरम 2047’ का लक्ष्य केंद्र सरकार के ‘विकसित भारत 2047’ अभियान के अनुरूप है। वर्तमान में देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में मिजोरम का योगदान करीब 0.1 प्रतिशत है। सरकार इसे बढ़ाकर एक प्रतिशत करने का लक्ष्य लेकर चल रही है। उन्होंने विकास लक्ष्यों को हासिल करने के लिए विभिन्न सरकारी विभागों के बीच बेहतर समन्वय की जरूरत पर जोर दिया। साथ ही सेरछिप जिले से विकास योजनाओं और परियोजनाओं को मिलकर लागू करते हुए एक आदर्श जिला बनने की दिशा में काम करने का आह्वान किया। बैठक में जिले के 43 सरकारी कार्यालयों के अधिकारियों ने हिस्सा लिया। इसे मिजोरम में अपनी तरह की पहली जिला स्तरीय समीक्षा बैठक बताया गया। इसमें चल रही परियोजनाओं, विकास योजनाओं, उनके क्रियान्वयन में आ रही बाधाओं और प्रस्तावित पहलों पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री के समक्ष प्रशासनिक समस्याएं भी रखीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास कार्यों की समीक्षा और योजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए राज्य के अन्य जिलों में भी ऐसी बैठकें आयोजित की जाएंगी।