

गुवाहाटी : असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने रविवार को कहा कि असम, मणिपुर और मिजोरम में मादक पदार्थों के खिलाफ एक साथ चलाया गया अभियान अंतरराष्ट्रीय तस्करी गिरोह के लिए बड़ा झटका साबित हुआ है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्ष 2029 तक मादक पदार्थों के खतरे को पूरी तरह समाप्त करने के लक्ष्य के साथ कार्रवाई जारी रहेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्वोत्तर में केंद्र और राज्य सरकारें नशे की समस्या से निपटने तथा ‘नशा मुक्त भारत’ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
तीन राज्यों में एक साथ कार्रवाई
शर्मा ने सोशल मीडिया पर साझा पोस्ट में बताया कि ‘ऑपरेशन ट्राइडेंट’ के तहत असम, मणिपुर और मिजोरम में की गई कार्रवाई से क्षेत्र में सक्रिय मादक पदार्थ तस्करी और हवाला गिरोहों के बीच बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। उन्होंने इस अभियान को अंतरराष्ट्रीय तस्करी तंत्र के खिलाफ महत्वपूर्ण कार्रवाई बताया।
इस अभियान का उद्देश्य भारत, म्यांमा और बांग्लादेश में सक्रिय अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ तस्करी गिरोह को ध्वस्त करना है। तीनों राज्यों में एक साथ की गई छापेमारी को इस दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
38 स्थानों पर छापेमारी, 18 गिरफ्तार
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बताया कि एजेंसियों ने असम, मिजोरम और मणिपुर में कुल 38 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। इस कार्रवाई के दौरान 18 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 1,424 बैंक खातों से लेनदेन बंद कर दिया गया।
शाह ने शुक्रवार को चलाए गए ‘ऑपरेशन ट्राइडेंट’ की सराहना करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ तस्करी गिरोह के नेटवर्क पर प्रहार बताया। इस कार्रवाई के जरिए तस्करी से जुड़े वित्तीय लेनदेन और हवाला नेटवर्क पर अंकुश लगाने का प्रयास किया गया है। मुख्यमंत्री शर्मा ने दोहराया कि नशे के खिलाफ अभियान लक्ष्य हासिल होने तक जारी रहेगा।