गौहाटी विश्वविद्यालय में 110 करोड़ की बुनियादी ढांचा परियोजना की आधारशिला

उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने किया शिलान्यास शैक्षणिक भवन से लेकर छात्रावास और आवासीय क्वार्टर तक होंगे विकसित
उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन
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गुवाहाटी : उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने सोमवार को असम के अपने दो दिवसीय दौरे के अंतिम दिन गुवाहाटी स्थित गौहाटी विश्वविद्यालय में 110 करोड़ रुपये की लागत वाली महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा विकास परियोजना की आधारशिला रखी। विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य, मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा, शिक्षा मंत्री रानोज पेगू, गौहाटी विश्वविद्यालय के कुलपति नानी गोपाल महंत सहित विश्वविद्यालय और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। प्रस्तावित परियोजना का उद्देश्य विश्वविद्यालय के शैक्षणिक एवं आवासीय बुनियादी ढांचे को आधुनिक स्वरूप देना और विद्यार्थियों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। परियोजना के तहत विश्वविद्यालय परिसर में कई महत्वपूर्ण निर्माण एवं उन्नयन कार्य किए जाएंगे। परियोजना के प्रमुख हिस्सों में नए शैक्षणिक भवन का निर्माण, विद्यार्थियों के लिए हॉस्टल, आधुनिक मेस भवन, तथा विदेशी विद्यार्थियों के लिए अलग छात्रावास का निर्माण शामिल है। इसके अलावा विश्वविद्यालय की महत्वपूर्ण शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक सुविधाओं को भी आधुनिक बनाया जाएगा। इसके तहत कृष्ण कांत हांडिके पुस्तकालय-सह-सेमिनार हॉल का नवीनीकरण किया जाएगा। साथ ही बिरिंची बरुआ सभागार का उन्नयन किया जाएगा, जिससे विश्वविद्यालय में आयोजित होने वाले शैक्षणिक, सांस्कृतिक और अन्य महत्वपूर्ण कार्यक्रमों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। परियोजना में विश्वविद्यालय के ‘डी-ग्रेड’ कर्मचारियों के लिए नए आवासीय क्वार्टर के निर्माण का प्रावधान भी किया गया है।

दो पुस्तकों का विमोचन

कार्यक्रम के दौरान उपराष्ट्रपति ने दो पुस्तकों का भी विमोचन किया। इनमें पहली पुस्तक ‘डॉ. भूपेन हजारिका : 100 इयर्स ऑफ ए वांडरिंग सॉन्ग’ है, जो महान संगीतकार, गायक, गीतकार और सांस्कृतिक व्यक्तित्व डॉ. भूपेन हजारिका के जीवन और उनकी विरासत से संबंधित है। दूसरी पुस्तक ‘चंद्रकांता अभिदान’ का पांचवां संस्करण है, जिसे गौहाटी विश्वविद्यालय ने प्रकाशित किया है। पुस्तक के नए संस्करण का विमोचन विश्वविद्यालय के शैक्षणिक एवं साहित्यिक योगदान को रेखांकित करने वाला अवसर रहा। उपराष्ट्रपति का यह दौरा ऐसे समय हुआ है जब पूर्वोत्तर में उच्च शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और विश्वविद्यालयों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। गौहाटी विश्वविद्यालय में प्रस्तावित 110 करोड़ रुपये की परियोजना से विद्यार्थियों, शिक्षकों, शोधकर्ताओं और कर्मचारियों को बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए अलग छात्रावास का निर्माण भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे विदेशों से आने वाले विद्यार्थियों के लिए बेहतर आवासीय सुविधा उपलब्ध होने के साथ विश्वविद्यालय के अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक संपर्कों को बढ़ावा मिलने की संभावना है। इस परियोजना के तहत पुस्तकालय, सेमिनार हॉल और सभागार जैसे मौजूदा संस्थानों के उन्नयन से विश्वविद्यालय में अध्ययन, शोध, संगोष्ठियों और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए आधुनिक सुविधाओं का विस्तार होगा। वहीं कर्मचारियों के लिए आवासीय क्वार्टर बनने से विश्वविद्यालय के गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों के लिए आवासीय सुविधा भी मजबूत होगी। उपराष्ट्रपति के दो दिवसीय असम दौरे के अंतिम दिन आयोजित यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय के बुनियादी ढांचे के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।

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