ग्रेट निकोबार में फिर गहराया ईंधन संकट, पेट्रोल समाप्त होने से लोगों की बढ़ी परेशानी

ग्रेट निकोबार में फिर गहराया ईंधन संकट, पेट्रोल समाप्त होने से लोगों की बढ़ी परेशानी
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सन्मार्ग संवाददाता

श्री विजयपुरम : ग्रेट निकोबार के निवासी एक बार फिर अचानक उत्पन्न हुए पेट्रोल संकट के कारण भारी कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। स्थानीय सूत्रों के अनुसार 20 जून को द्वीप पर उपलब्ध पेट्रोल का पूरा स्टॉक समाप्त हो गया, जिसके बाद पेट्रोल पंप पर "स्टॉक खत्म" घोषित कर दिया गया। पेट्रोल पंप अधिकारियों ने बताया है कि उपलब्ध भंडार अब न्यूनतम सुरक्षित भंडार स्तर तक पहुंच चुका है, जिसके कारण उपभोक्ताओं को पेट्रोल की आपूर्ति जारी रखना संभव नहीं रह गया है। पेट्रोल पंप प्रबंधन के साथ हुई चर्चा के दौरान बताया गया कि यह संकट नए ईंधन की आपूर्ति समय पर नहीं पहुंच पाने के कारण उत्पन्न हुआ है। इस अप्रत्याशित व्यवधान का असर पूरे द्वीप के जनजीवन पर पड़ा है। रोजाना यात्रा करने वाले लोगों, छोटे व्यापारियों, मछुआरों, परिवहन संचालकों तथा नियमित ईंधन आपूर्ति पर निर्भर अन्य लोगों को गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानीय निवासियों ने चिंता व्यक्त की है कि लगभग दो महीने पहले भी इसी प्रकार का ईंधन संकट उत्पन्न हुआ था। बार-बार ऐसी स्थिति बनने से वर्तमान आपूर्ति व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल उठने लगे हैं तथा भविष्य में ऐसी समस्याओं से बचने के लिए अधिक प्रभावी वैकल्पिक योजना बनाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है। इस बीच निकोबार प्रशासन ने स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक कदम उठाए हैं। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार एमवी चुगलुम पोत लगभग 20 किलोलीटर पेट्रोल लेकर सीधे कैंपबेल बे के लिए रवाना होने वाला है। यदि निर्धारित कार्यक्रम में कोई परिवर्तन नहीं होता है तो यह ईंधन खेप अगले सप्ताहांत तक ग्रेट निकोबार पहुंचने की संभावना है, जिससे स्थानीय लोगों को अस्थायी राहत मिल सकेगी। हालांकि द्वीपवासियों के सामने फिलहाल सबसे बड़ी चिंता यह है कि अगले कुछ दिनों तक आवश्यक कार्यों और आजीविका से जुड़ी गतिविधियां किस प्रकार संचालित होंगी। पेट्रोल का अचानक समाप्त हो जाना लोगों के लिए परिवहन और अन्य दैनिक आवश्यकताओं का प्रबंधन करना बेहद कठिन बना रहा है। अब स्थानीय लोग प्रशासन और संबंधित एजेंसियों से ऐसे दीर्घकालिक समाधान की अपेक्षा कर रहे हैं, जिससे भविष्य में ईंधन की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित हो सके और इस प्रकार के संकट दोबारा उत्पन्न न हों। इस घटना ने एक बार फिर दूरस्थ द्वीपों के लिए मजबूत और विश्वसनीय आपूर्ति तंत्र की आवश्यकता को रेखांकित किया है।

स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और अब सभी की निगाहें प्रशासन तथा आपूर्ति एजेंसियों द्वारा सामान्य स्थिति बहाल करने और ग्रेट निकोबार के लोगों के लिए ईंधन सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु उठाए जाने वाले कदमों पर टिकी हुई हैं।

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