

स्टॉकहोम : फ्रांसिस हैल्जेन को खगोल-भौतिकीय घटनाओं से उत्पन्न उच्च-ऊर्जा वाले ‘न्यूट्रिनो’ की खोज और आइसक्यूब न्यूट्रिनो वेधशाला में योगदान के लिए 2026 का भौतिकी का नोबेल पुरस्कार दिया गया है। रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज ने मंगलवार को पुरस्कार की घोषणा की। न्यूट्रिनो बेहद सूक्ष्म और हल्का मौलिक कण है, जिस पर कोई विद्युत आवेश नहीं होता। इस वर्ष नोबेल पुरस्कार की राशि 1.2 करोड़ स्वीडिश क्रोनर (करीब 12 लाख अमेरिकी डॉलर) है। पुरस्कार एक व्यक्ति, छोटे समूह या संगठन को दिया जा सकता है। पिछले वर्ष भौतिकी का नोबेल तीन वैज्ञानिकों को क्वांटम टनलिंग पर शोध के लिए दिया गया था। 2026 के नोबेल पुरस्कारों की घोषणा सोमवार को चिकित्सा के पुरस्कार से शुरू हुई थी। बुधवार को रसायन शास्त्र और गुरुवार को साहित्य के नोबेल पुरस्कार की घोषणा होगी। शुक्रवार को शांति पुरस्कार और सोमवार को अर्थशास्त्र के नोबेल मेमोरियल पुरस्कार के विजेता का एलान किया जाएगा।