नेपाल में बाढ़ : अब डीएनए जांच पर टिकी लापता लोगों के परिजनों की उम्मीद

पुलिस अब तक 2,272 डीएनए नमूने एकत्र कर चुकी है
Floods in Nepal: Hopes of missing persons' families now rest on DNA testing
नेपाल पुलिस अस्पताल में डीएनए सैंपल के लिए नाम दर्ज कराते लोग
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काठमांडू : 26 अगस्त को आई बाढ़ के बाद बरामद सैकड़ों शवों की पहचान करने और लापता लोगों के परिजनों तक पहुंचने के लिए डीएनए जांच का सहारा ले रहे हैं। पुलिस अब तक 2,272 डीएनए नमूने एकत्र कर चुकी है। इनमें 1,260 नमूने शवों से और 1,012 नमूने परिजनों से लिए गए हैं, ताकि आपदा में मारे गए लोगों की पहचान की जा सके। अधिकारियों ने बताया कि डीएनए नमूने लेने और पहचान से जुड़ी अन्य प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद 1,030 शवों को दफनाया जा चुका है। इनमें 222 महिलाओं के, 355 पुरुषों के और 453 ऐसे शव शामिल हैं, जिनकी लैंगिक पहचान नहीं हो सकी है। इस आपदा में 1,300 से अधिक लोगों की मौत हुई है, जबकि करीब 4,900 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं।

गम के बीच राहत में जुटे बाढ़ पीड़ित

नेपाल में विनाशकारी बाढ़ में अपनों को खोने और लापता परिजनों की तलाश के बीच कई बाढ़ पीड़ित खुद राहत और बचाव अभियान में जुट गए हैं। अपने दर्द को पीछे छोड़कर ये लोग आपदा से प्रभावित दूसरे परिवारों की मदद कर रहे हैं। पड़ोसी नुवाकोट में सुचित जोशी की कहानी भी ऐसी ही है। उनकी पत्नी, सात साल की बेटी, भाभी और भांजा समेत परिवार के चार सदस्य अब भी लापता हैं। इसके बावजूद जोशी खोज एवं बचाव अभियान में लगातार जुटे हुए हैं। एक तलाशी अभियान के दौरान उन्होंने अपने चाचा और एक अन्य भांजे को खोज निकाला। इसके बाद उनकी तलाश व्यापक बचाव अभियान में बदल गई और पांच अन्य लोग भी उनकी टीम में शामिल हो गए।

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