फ्रांस में दशकों की सबसे कमजोर वाइन फसल की आशंका

गर्मी और सूखे ने अंगूर की पैदावार घटाई, उत्पादन 17 फीसदी तक गिरने का अनुमान
Fears of weakest wine harvest in decades in France
ग्लास में वाइन लिए लोग
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पेरिस : फ्रांस में इस साल वाइन का उत्पादन पिछले कई दशकों के सबसे निचले स्तर पर पहुंचने की आशंका है। फ्रांसीसी कृषि मंत्रालय के शुरुआती अनुमान के मुताबिक 2026 में देश में करीब 33.9 मिलियन हेक्टोलिटर (3.39 अरब लीटर) वाइन का उत्पादन हो सकता है। यह पिछले साल की तुलना में 6 फीसदी कम और 2021-25 के औसत से 17 फीसदी नीचे है। फ्रांस दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा वाइन उत्पादक देश है। लगातार तीसरे साल कमजोर उत्पादन का अनुमान है। इससे पहले 2024 और 2025 में भी देश में वाइन उत्पादन कम रहा था। उत्पादन में गिरावट की प्रमुख वजह देश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी और सूखा बताया जा रहा है। 2026 में फ्रांस ने अब तक की सबसे गर्म गर्मियों में से एक का सामना किया। अत्यधिक तापमान के कारण अधिकांश वाइन उत्पादक क्षेत्रों में अंगूर की फसल सामान्य से काफी पहले तैयार हो गई। फ्रांसीसी कृषि मंत्रालय की सांख्यिकी सेवा एग्रेस्टे के अनुसार, पूरे देश में मिट्टी का सूखापन बढ़ गया। गर्मी की लहरों के कारण कई अंगूर के बागानों में अंगूर झुलसने, पत्तियां गिरने और अंगूर सिकुड़ने जैसी समस्याएं सामने आईं। वसंत ऋतु में मौसम अनुकूल रहने से बेहतर फसल की उम्मीद जगी थी। अंगूर का विकास अच्छा था और फसलों में बीमारी का प्रकोप भी कम था। लेकिन गर्म और शुष्क गर्मी ने इस संभावित बेहतर उत्पादन को बुरी तरह प्रभावित किया।

शैंपेन क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित

देश के मशहूर शैंपेन क्षेत्र में उत्पादन में सबसे बड़ी गिरावट का अनुमान है। यहां 2025 की तुलना में उत्पादन 49 फीसदी कम और पांच साल के औसत से 47 फीसदी नीचे रहने का अनुमान है। जलवायु परिवर्तन के कारण बढ़ती गर्मी, लंबे सूखे और बदलते मौसम का असर फ्रांस के वाइन उद्योग पर लगातार बढ़ रहा है। विशेषज्ञों के लिए यह स्थिति देश की पारंपरिक अंगूर खेती और वाइन उत्पादन के सामने बढ़ती चुनौती का संकेत है।

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