सन्मार्ग द्वारा आयोजित ग्लैम क्वीन व ग्लैम प्रिंसेस (ब्यूटी पेजेंट) न केवल सौंदर्य प्रतियोगिता रहा, बल्कि यह महिला सशक्तिकरण, आत्मविश्वास और प्रतिभा के सम्मान का मंच बना। कार्यक्रम में मौजूद जूरी मेंबर्स ने प्रतिभागियों की प्रस्तुति, व्यक्तित्व और हुनर का बारीकी से मूल्यांकन करते हुए कहा कि इस मंच पर शामिल हर महिला अपने आप में विजेता है। सन्मार्ग द्वारा आयोजित तथा रमेश चंद्र पारेख ज्वैलर्स द्वारा प्रायोजित ग्लैम क्वीन व ग्लैम प्रिंसेस कार्यक्रम में जूरी के तौर पर कई जानी-मानी हस्तियां उपस्थित रहीं।
जूरी पैनल में नंदिता डागा, भावना हिमानी, ऋचा शर्मा, मोना पारेख और राधिका नवलखा अग्रवाल शामिल थीं। सभी जूरी मेंबर्स ने प्रतिभागियों की प्रस्तुति, आत्मविश्वास, व्यक्तित्व और हुनर का गहन मूल्यांकन कर अपनी विशेषज्ञ राय के आधार पर विजेताओं का चयन किया। इस अवसर पर नंदिता डागा ने कहा कि सन्मार्ग द्वारा आयोजित हर कार्यक्रम अपने आप में अनोखा होता है और ग्लैम क्वीन व ग्लैम प्रिंसेस उसी कड़ी का एक विशेष आयोजन है। उन्होंने कहा कि विजेता भले ही कोई एक होता है, लेकिन कार्यक्रम में शामिल सभी महिलाएं अपने आप में एक बहुमूल्य ताज हैं।
भावना हिमानी ने कहा कि सभी प्रतिभागियों में से किसी एक को विजेता के रूप में चुनना बेहद कठिन था, क्योंकि हर महिला में हुनर, कला और प्रेरणा की झलक दिखाई दी। वहीं ऋचा शर्मा ने कहा कि कार्यक्रम में शामिल सभी प्रतिभागी जीत का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि हर महिला के सिर पर एक अदृश्य ताज होता है और यह मंच महिलाओं के साहस, आत्मविश्वास और संस्कारों की पहचान है।
मोना पारेख ने कहा कि इस कार्यक्रम का हिस्सा बनना उनके लिए एक सुखद अनुभव रहा। उन्होंने कहा कि यह मंच महिलाओं को अपने सपनों को साकार करने और आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। राधिका नवलखा अग्रवाल ने कहा कि इस मंच के माध्यम से महिलाओं ने अपने भीतर छिपे हुनर को पहचाना है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम का विजेता चाहे कोई भी हो, लेकिन मंच पर मौजूद हर प्रतिभागी अपने आप में विजेता है।