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शिक्षा मंत्री ने मानी खामियां: असम के सैकड़ों सरकारी स्कूल बिना बिजली, कई में छात्रों के लिए शौचालय तक नहीं

असम के सरकारी स्कूलों की बदहाल स्थिति पर शिक्षा मंत्री ने स्वीकारीं खामियां, बिजली और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं के अभाव पर उठे सवाल
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असम के शिक्षा मंत्री रणोज पेगू ने हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर राज्य के सरकारी स्कूलों से जुड़े बुनियादी ढांचे के कुछ अहम आंकड़े साझा किए हैं। शिक्षा मंत्री द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, राज्य में अब भी 676 सरकारी स्कूल ऐसे हैं जहां बिजली का कनेक्शन नहीं पहुंच पाया है। इसके अलावा, 283 सरकारी स्कूलों में छात्रों के लिए शौचालय की बुनियादी सुविधा उपलब्ध नहीं है।

इन कमियों को दूर करने की प्रतिबद्धता जताते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार स्कूलों की स्थिति सुधारने के लिए लगातार काम कर रही है। सरकार ने एक निश्चित समय-सीमा तय की है, जिसके तहत मार्च 2027 तक असम के सभी सरकारी स्कूलों में बिजली, पानी और शौचालय जैसी हर जरूरी बुनियादी सुविधा शत-प्रतिशत उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।

44 हजार से अधिक सरकारी स्कूल, 676 अब भी अंधेरा, बिजली कनेक्शन के लिए 4 करोड़ का बजट जारी

शिक्षा मंत्री रणोज पेगू की ओर से साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, असम में कुल सरकारी स्कूलों की संख्या 44,243 है। इनमें से अधिकांश स्कूलों में बिजली की सुविधा है, लेकिन 676 स्कूल अभी भी ऐसे हैं जहां किसी भी तरह का बिजली कनेक्शन उपलब्ध नहीं हो सका है।

शिक्षा मंत्री ने आश्वासन दिया कि इन बचे हुए सभी स्कूलों को जल्द से जल्द रोशन करने के लिए सरकार गंभीर है। इसके लिए वर्तमान वित्तीय वर्ष में 4 करोड़ रुपये का विशेष बजट आवंटित किया गया है, ताकि इन सभी शिक्षण संस्थानों में बिजली पहुंचाने का काम तेजी से पूरा किया जा सके।

शिक्षा मंत्री ने बताया कि 643 सरकारी स्कूलों में बिजली कनेक्शन नहीं है, लेकिन वहां सोलर सिस्टम के माध्यम से बिजली की व्यवस्था की गई है। इससे इन स्कूलों में बुनियादी बिजली की जरूरतें पूरी की जा रही हैं।

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