होर्मुज में यूएई के दो तेल टैंकरों पर ड्रोन हमला

यूएई ने हमले के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराते
Drone attack on two UAE oil tankers in Hormuz
ड्रोन हमले के बाद आग लगने से जहाज से उठता धुंआ
Published on

दुबई : संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने ईरान पर होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे दो तेल टैंकरों पर ड्रोन से हमला करने का आरोप लगाया है। यूएई ने शुक्रवार को इन हमलों को “समुद्री डकैती” करार दिया। हमले में कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन इससे इस महत्वपूर्ण जलमार्ग से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों के सामने मौजूद जोखिम एक बार फिर उजागर हो गए हैं। यूएई की सरकारी तेल एवं गैस कंपनी एडीएनओसी ने बताया कि उसके स्वामित्व वाले दो तेल टैंकरों पर गुरुवार शाम होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरते समय हमला किया गया। घटना में कोई घायल नहीं हुआ और स्थिति पर नियंत्रण पा लिया गया है। यूएई के विदेश मंत्रालय ने हमले के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराते हुए इसे नौवहन की स्वतंत्रता के सिद्धांतों का खुला उल्लंघन बताया। मंत्रालय ने कहा कि वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाना और होर्मुज जलडमरूमध्य को आर्थिक दबाव या ब्लैकमेल के साधन के रूप में इस्तेमाल करना ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स की ओर से समुद्री डकैती है।

होर्मुज में जहाजों की आवाजाही ठप

होर्मुज जलडमरूमध्य में दो और जहाजों पर हमले के बाद शुक्रवार को इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से जहाजों की आवाजाही लगभग ठप हो गई। अमेरिका ने कहा है कि वह ईरान की नौसैनिक नाकाबंदी को अनिश्चितकाल तक जारी रखने में सक्षम है। जहाजों की निगरानी करने वाली कंपनी केप्लर के अनुसार, गुरुवार को केवल नौ जहाज इस संकरे जलमार्ग से गुजरे, जबकि बुधवार को यह संख्या पांच थी। अगस्त में सामान्य तौर पर प्रतिदिन औसतन 12 जहाज यहां से गुजरते हैं। युद्ध शुरू होने से पहले होर्मुज से प्रतिदिन 130 से अधिक जहाज गुजरते थे।

गाजा वार्ता के लिए मध्य-पूर्व जाएंगे कुश्नर

इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद और वार्ताकार जेरेड कुश्नर अगले सप्ताह मध्य-पूर्व की यात्रा करेंगे। उनका उद्देश्य गाजा में संघर्ष खत्म करने की योजनाओं को आगे बढ़ाना है। ट्रंप प्रशासन की ओर से हाल में घोषित एक समझौते को इजरायल के विरोध का सामना करना पड़ा है। ‘बोर्ड ऑफ पीस’ के एक अधिकारी के मुताबिक, कुश्नर के साथ बोर्ड के उच्च प्रतिनिधि निकोलाय म्लादेनोव और ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर भी रविवार को इजरायल पहुंचेंगे। इसके बाद दल काहिरा जाएगा, जहां अमेरिकी मध्यस्थता वाले युद्धविराम समझौते के तहत गाजा का नियंत्रण संभालने वाले प्रस्तावित फिलिस्तीनी तकनीकी समूह की बैठकें पिछले कई महीनों से हो रही हैं।

Google पर सन्मार्ग न्यूज़ पडे →
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in