सपनों को नई उड़ान और पहचान देने वाला मंच बना सन्मार्ग द्वारा आयोजित तथा रमेश चंद्र पारेख ज्वैलर्स द्वारा प्रायोजित ग्लैम क्वीन व ग्लैम प्रिंसेस का पहला संस्करण। इस आयोजन में शामिल प्रतिभागी महिलाओं की जुबान पर एक ही बात थी—कि इस मंच ने उन्हें आत्मविश्वास दिया और अपने हुनर को पहचानने का अवसर प्रदान किया। पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच खुद के सपनों को पीछे छोड़ चुकी महिलाओं के लिए यह प्रतियोगिता आत्मनिर्भरता और आत्मसम्मान की नयी शुरुआत साबित हुई।
ग्लैम क्वीन व ग्लैम प्रिंसेस के पहले संस्करण में शामिल प्रतिभागियों और विजेताओं ने कहा कि इस मंच ने उन्हें उनके सपनों को एक नई दिशा दी और समाज में अपनी अलग पहचान बनाने का अवसर प्रदान किया। प्रतिभागियों का कहना था कि पारिवारिक जीवन की जिम्मेदारियों में वे इतने उलझ गए थे कि कभी अपने लिए सोचने का मौका ही नहीं मिला, लेकिन सन्मार्ग ने उन्हें ऐसा प्लेटफार्म दिया, जहां वे न केवल अपने हुनर को प्रदर्शित कर सकीं, बल्कि आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा भी मिली।
ग्लैम क्वीन की विजेता कीर्ति कोठारी ने कहा कि यह मंच उनके लिए केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की नई शुरुआत है। उन्होंने कहा, “सीमाएं दुनिया तय नहीं करती, हम खुद तय करते हैं। उड़ान वही भर सकता है, जो खुद पर भरोसा करता है।” सन्मार्ग के मंच से विजेता बनना उनके लिए सपने के साकार होने जैसा है। ग्लैम प्रिंसेस की विजेता तिशा शाह ने कहा कि इस प्रतियोगिता ने उन्हें अपने भीतर छिपी प्रतिभा को पहचानने का अवसर दिया। उन्होंने ऐसे प्रेरणादायी कार्यक्रम के आयोजन के लिए सन्मार्ग का हृदय से धन्यवाद देते हुए कहा कि इस मंच के माध्यम से उनके सपनों को एक नई दिशा मिली है।
ग्लैम क्वीन की पहली रनरअप मालविका सिंघी ने बताया कि इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए उन्हें अपने परिवार का भरपूर सहयोग और उत्साहवर्धन मिला। उन्होंने कहा कि किसी कारणवश वह फिनाले में भाग लेने से हिचक रही थीं, लेकिन परिवार के प्रोत्साहन ने उन्हें आगे बढ़ने की हिम्मत दी। खास बात यह रही कि उन्होंने इस प्रतियोगिता में अपनी सासू मां के साथ हिस्सा लिया।
ग्लैम क्वीन की दूसरी रनरअप मनीषा खंडेलवाल ने कहा कि हर महिला अपने आप में एक क्वीन होती है। सन्मार्ग के इस मंच ने महिलाओं को आत्मविश्वास दिया और खुद को पहचानने का बेहतरीन अवसर प्रदान किया। ग्लैम प्रिंसेस की पहली रनरअप तनिशा दानी, जो पेशे से एक डॉक्टर हैं, ने कहा कि इस मंच ने उन्हें यह एहसास कराया कि यदि हौसला और मेहनत साथ हो, तो कोई भी मंजिल दूर नहीं होती। उन्होंने सन्मार्ग की इस पहल की जमकर सराहना की।
वहीं दूसरी रनरअप दीपल दुगड़ ने कहा कि इस टाइटल को जीतकर वह बेहद खुश हैं और इसके लिए सन्मार्ग का आभार व्यक्त करती हैं। इसके अलावा कार्यक्रम के दौरान विभिन्न श्रेणियों में कई अन्य प्रतिभागियों को भी पुरस्कृत किया गया।