

कोलकाता : कभी कोलकाता एयरपोर्ट के आसपास सड़कों पर घूमने वाला एक आवारा कुत्ता आज पूरी दुनिया में प्यार, शांति और संवेदना का प्रतीक बना गया है। इस विशेष कुत्ते का नाम अलोका है। चार साल का अलोका भारतीय नस्ल का परिया डॉग है। अलोका के माथे पर दिल के आकार का एक प्राकृतिक निशान बना हुआ है, जो उसे और भी खास बनाता है। इन दिनों अलोका की कहानी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है। हाल ही में दुनिया के कई देशों की यात्रा करने के बाद आलोका भारत लौटा, तो दिल्ली में उसका भव्य स्वागत किया गया।
ऐसे शुरू हुई अलोका की यात्रा
अलोका की कहानी साल 2022 में शुरू हुई। उस समय भिक्खु पन्नाकारा के नेतृत्व में भिक्षुओं का एक दल कोलकाता से बोधगया तक की 3,400 किलोमीटर लंबी पदयात्रा पर निकला था। यह यात्रा भारत और नेपाल से होकर गुजर रही थी और कुल 112 दिनों तक चलनी थी। इसी यात्रा के शुरू होने के 6 दिन बाद यह छोटा सा आवारा कुत्ता उनके साथ हो लिया। रास्ते में कई दूसरे कुत्ते भी कुछ दूर तक साथ आए, लेकिन अलोका ने एक बार यात्रा का हिस्सा बनने के बाद पीछे मुड़कर नहीं देखा। वह पूरे 112 दिनों की यात्रा में भिक्षुओं के साथ कदम से कदम मिलाकर चलता रहा।
आलोका की इसी वफादारी और हिम्मत से खुश होकर भिक्खु पन्नाकारा ने उसे कानूनी रूप से गोद ले लिया और अपने साथ अमेरिका ले गए।
दुनियाभर के लोगों का दिल जीता
अमेरिका पहुंचने के बाद भी अलोका की यात्रा रुकी नहीं । उसने टेक्सास के फोर्ट वर्थ से लेकर वॉशिंगटन डीसी तक, 10 से ज्यादा राज्यों में करीब 3,400 किलोमीटर की यात्रा की। इस दौरान वह लोगों से मिलकर शांति, प्रेम और भाईचारे का संदेश देता रहा। अलोका ने श्रीलंका और थाईलैंड की भी यात्रा की। उसके शांत स्वभाव, धैर्य और लोगों के प्रति अपनेपन ने लाखों लोगों का दिल जीत लिया।
दिल्ली में हुआ शानदार स्वागत
भारत लौटने पर अलोका और भिक्षुओं के दल का दिल्ली के इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (IGNCA) में जोरदार स्वागत किया गया। यहां से वे भारत में एक नई शांति यात्रा शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं।